कोरोना: अब दूसरी डोज लगवाने के लिए जन्मतिथि अनिवार्य, पहचान पत्र बदलकर नहीं लगवा सकेंगे टीका
टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि बिना दूसरी डोज लगे ही पोर्टल से संदेश मिल गया है। इस खामी को दूर करने के लिए सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं।
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कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए अब जन्मतिथि युक्त पहचान पत्र की जरूरत पड़ेगी। केंद्र सरकार ने कोविन रजिस्ट्रेशन पोर्टल में नए फीचर जोड़े हैं, इसमें जन्मतिथि सबसे महत्वपूर्ण है। इस अलावा पहली डोज लगवाते समय जिस पहचान पत्र का उपयोग किया गया था, अब उसी पहचान पत्र का उपयोग दूसरी डोज लगवाते समय करना होगा। नई व्यवस्था के तहत कोई भी शख्स पहचान पत्र बदलकर कोरोनारोधी टीका नहीं लगवा पाएगा।
कोविड टीकाकरण के लिए अभी तक सिर्फ जन्म का वर्ष ही मांगा जाता था। पहचान पत्र के तौर पर एक आईडी व मोबाइल नंबर देना होता है। कई बार लोग दूसरी डोज लगवाने के लिए बगैर आईडी के केंद्र पहुंच जाते हैं। दूसरी डोज के लिए जन्मतिथि या आईडी की दरकार नहीं होती थी।
अब दोनों डोज लगवाते समय जन्मतिथि पूछी जाएगी। वही पहचान पत्र प्रयोग में लाया जाएगा, जिसमें जन्मतिथि लिखी हो। इसके अलावा अब पहले व दूसरे डोज के बीच पहचान पत्र बदल नहीं सकेंगे। इतना ही नहीं लाभार्थी मोबाइल नंबर भी नहीं बदल सकेंगे। मोबाइल नंबर को बदलने के लिए पोर्टल पर रिक्वेस्ट करना होगा।
गड़बड़ी रोकने के लिए पहल
टीकाकरण के नोडल अधिकारी डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि बिना दूसरी डोज लगे ही पोर्टल से संदेश मिल गया है। इस खामी को दूर करने के लिए सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं।चार लाख लोगों को लगनी है दूसरी डोज
डॉ. पांडेय ने बताया कि जिले में करीब 25 लाख लोगों को पहली डोज लगी है। करीब 15 लाख लोगों को दोनों डोज लग चुकी है। अभी भी चार लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी दूसरी डोज की तारीख पूरी हो चुकी है। करीब दो लाख लोगों का 15 दिन का विंडो पीरियड चल रहा है। वहीं दो लाख 10 हजार लोगों का विंडो पीरियड बीत चुका है।