कोरोना संक्रमण ही नहीं साइबर क्राइम से भी बचाता है 'योनो कैश', जानिए कैसे करता है काम
योनो कैश की कुछ खूबियां जो कोरोना के अलावा साइबर अपराध से भी आपको सुरक्षित रखता है। इसमें एटीएम से कैश निकालने के लिए एटीएम कार्ड जरूरी नहीं है। इस वजह से एटीएम कार्ड कोरोना वायरस से हमेशा सुरक्षित रहता है।
सिर्फ चार बार एटीएम कीबोर्ड को टच करने की पड़ती है जरूरत
योनो कैश का इस्तेमाल करने के दौरान एटीएम कार्ड की तुलना में एटीएम कीबोर्ड को काफी कम बार छूना पड़ता है। ऐसे में यह कोरोना संक्रमण से भी बचाव करता है।
- पहली बार आपको एटीएम स्क्रीन पर योनो कैश निशान पर
- दूसरी बार योनो ऐप पर आए रिफरेंस नंबर डालने के लिए
- तीसरी बार राशि डालने के लिए
- चौथी बार योनो पिन डालते ही आपका पैसा निकाल जाएगा।
सुरक्षा की दृष्टिकोण से भी बेहतर है योनो कैश
किसी को भी दे सकते हैं रेफरेंस नंबर
सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार के लेनदेन के लिए आप कभी भी अपना एटीएम कार्ड और पिन किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं दें सकते परंतु योनो कैश से नकदी निकालने के लिए आप रिफरेंस नंबर, राशि और पिन दे सकते हैं। यह पूर्णतया सुरक्षित है क्योंकि यह उस विशेष लेनदेन के बाद किसी काम का नहीं रहता।
योनो कैश 15 मार्च 2019 को किया गया था लांच
भारत में योनो कैश से लगभग 88 लाख लेनदेन किए गए हैं। एटीएम कार्ड के माध्यम से एटीएम लेनदेन में 8 बार टच करना होता है जबकि योनो कैश में सिर्फ चार बार।
एटीएम की तुलना में योनो कैश इस्तेमाल करने में सिर्फ एक तिहाई लगता है समय
भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम पीसी बरोड़ ने कहा कि एटीएम से लेनदेन में लगभग 45 सेकेंड लगते हैं जबकि योनो कैश में सिर्फ 15 सेकेंड। इससे आप कोविड संक्रमण से बचने के लिए एटीएम में कम से कम समय लगेगा।