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Gorakhpur News: दुष्कर्म का फर्जी केस कर वसूली करने वाले गिरोह पर नहीं हुई कार्रवाई, नहीं हो सकी गिरफ्तारी
Thu, 19 Jan 2023 11:38 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 Jan 2023 11:38 AM IST
सार
कैंपियरगंज के खालिद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं। उनकी शिकायत पर पहले दो सीओ ने जांच की थी, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर गिरोह पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
गोरखपुर जिले में दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराकर पीड़ितों से रुपये ऐंठने वाली महिलाओं के गिरोह पर कार्रवाई से पुलिस ने तौबा कर लिया है। सात अगस्त को केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को न तो दबोच सकी है और न ही कोई ऐसी कार्रवाई की जिससे गिरोह में शामिल आरोपियों में डर हो। उधर, परेशान पीड़ित अफसरों के यहां प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगा रहा है।
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पुलिस का यह हाल तब है जब खुद एडीजी अखिल कुमार, आईजी जे रविंद्र गौड़ तक इसकी प्रगति रिपोर्ट को लेकर विवेचक को तलब कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, मई 2022 में कैंपियरगंज निवासी पीड़ित खालिद ने एडीजी से शिकायत की थी। एडीजी के आदेश पर एसएसपी ने सीओ बांसगांव व सीओ कैंट से जांच कराई।
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जांच में पाया गया कि गिरोह के सदस्य फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर वसूली करा रहे हैं। मामला जांच में पुष्ट होने के बाद सात अगस्त को कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। लेकिन पुलिस आज तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। जबकि, खुद पुलिस अफसर भी मानते हैं कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से कोर्ट के जरिये दुष्कर्म के केस दर्ज कराने के मामले कम हुए हैं। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच की जाएगी। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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एफआर लगाने वाले दरोगा ने दिया था शपथ पत्र
गिरोह की महिला ने 2016 में कैंपियरगंज थाने में तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। मामले में आरोपी पहले जेल भेजे गए, फिर पुलिस ने गहनता से जांच की और मामला पूरी तरह से फर्जी मिला। विवेचक ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। महिला को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, उसने विवेचक रहे दरोगा पर ही लूट, बलवा, धमकी देने का केस दर्ज करा दिया। इस बार उसका आरोप था कि केस की जांच के दौरान दरोगा ने उससे रुपये छीन लिए और धमकी दी। दरोगा ने सीओ बांसगांव को दिए शपथ पत्र में महिला को पेशेवर और अधिवक्ता को संरक्षक बताया है।
फर्जी केस दर्ज कराकर ली चार लाख का सरकारी मदद
सीओ बांसगांव की जांच में सामने आया है कि एक मामले में न्यायालय के आदेश पर दर्ज केस में सरकारी मदद के चार लाख रुपये महिला ने ले लिए। इस मुकदमे में भी अधिवक्ता वही है। जबकि, इस केस की जांच कर विवेचक ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी।
पीड़ित ने दर्ज कराया था केस
कैंपियरगंज के खालिद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं। उनकी शिकायत पर पहले दो सीओ ने जांच की थी, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर गिरोह पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने खारिज कर दी है गिरोह की याचिका
इस मामले में आरोपी बनाए गए गिरोह की महिला सदस्य सहित अन्य सभी हाईकोर्ट भी गए थे। रिट दाखिल कर मुकदमा को रद करने की मांग की गई थी। लेकिन, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिट याचिका को खारिज कर दिया और आरोपियों को अग्रिम जमानत के आवेदन की बात कही है।
फर्जी केस दर्ज कराकर ली चार लाख का सरकारी मदद
सीओ बांसगांव की जांच में सामने आया है कि एक मामले में न्यायालय के आदेश पर दर्ज केस में सरकारी मदद के चार लाख रुपये महिला ने ले लिए। इस मुकदमे में भी अधिवक्ता वही है। जबकि, इस केस की जांच कर विवेचक ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी।
पीड़ित ने दर्ज कराया था केस
कैंपियरगंज के खालिद की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर लोगों से वसूली करती हैं। उनकी शिकायत पर पहले दो सीओ ने जांच की थी, जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर गिरोह पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने खारिज कर दी है गिरोह की याचिका
इस मामले में आरोपी बनाए गए गिरोह की महिला सदस्य सहित अन्य सभी हाईकोर्ट भी गए थे। रिट दाखिल कर मुकदमा को रद करने की मांग की गई थी। लेकिन, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिट याचिका को खारिज कर दिया और आरोपियों को अग्रिम जमानत के आवेदन की बात कही है।