अमर उजाला की पड़ताल: गोरखपुर में रैन बसेरे खाली, फुटपाथ पर सो रहे लोग
एडीएम सिटी विनीत सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान गोरखनाथ ओवरब्रिज और धर्मशाला के पास कुछ लोग सड़क किनारे सोते मिले। सभी को रैन बसेरा ले जाने की व्यवस्था की गई थी।
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गोरखपुर शहर के रैन बसेरे खाली हैं, लेकिन कंपकंपाती ठंड में लोग विभिन्न इलाकों में खुले आसमान के नीचे फुटपाथ पर सो रहे हैं। पिछले दिनों डीएम विजय किरन आनंद ने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि रात में कोई भी व्यक्ति फुटपाथ पर सोता मिले तो उसे रैन बसेरे में ले जाया जाए।
सोमवार रात 9:00 से 10 बजे के बीच अमर उजाला की टीम ने शहर के कई इलाकों की पड़ताल की। इस दौरान गोरखनाथ ओवरब्रिज के ऊपर, यातायात चौराहा के पास और नक्को शाह बाबा की मजार के पास काफी संख्या में लोग फुटपाथ पर सोते मिले। हालांकि एक एनजीओ के लोग फुटपाथ पर सो रहे लोगों को रैन बसेरे में लेकर गए।
ई-रिक्शों से रैन बसेरों तक लाने का इंतजाम
एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने सोमवार देर रात हरी झंडी दिखाकर ई-रिक्शा को रवाना किया। ई-रिक्शा की मदद से फुटपाथ और ओवरब्रिज की रेलिंग के आसपास सोने वालों को रैन बसेरों में ले जाया जाएगा। एडीएम का कहना है कि कोई भी व्यक्ति सर्दी में बाहर नहीं रहेगा, ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है।
एडीएम सिटी विनीत सिंह ने कहा कि निरीक्षण के दौरान गोरखनाथ ओवरब्रिज और धर्मशाला के पास कुछ लोग सड़क किनारे सोते मिले। सभी को रैन बसेरा ले जाने की व्यवस्था की गई थी। कुछ लोग गए भी, लेकिन कुछ लोग तैयार नहीं हुए। उनका तर्क था कि रोज वहीं रहते हैं और ठीक हैं।