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कल तय होगा रामगढ़ताल किनारे के सैकड़ों भवनों का भविष्य, एनजीटी करेगा इसका फैसला
Mon, 11 Jan 2021 11:43 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 11 Jan 2021 11:43 AM IST
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
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रामगढ़ताल किनारे के सैकड़ों भवनों के भविष्य का फैसला 12 जनवरी को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) करेगा। इसी निर्णय के आधार पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) आगे की रणनीति तय करेगा। अधिकारी इस बात की तैयारी कर रहे हैं कि यदि एनजीटी से राहत नहीं मिली तो सुप्रीम कोर्ट की शरण ली जाएगी।
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शासन की ओर से रामगढ़ताल के वेटलैंड का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इस दायरे में कोई भी निर्माण नहीं आ रहा है। इससे रामगढ़ताल के आसपास मकान बनवाने वालों को राहत मिली है। वहीं, एनजीटी की हाई पावर कमेटी ने रामगढ़ताल के किनारे 500 मीटर परिधि में किसी प्रकार के निर्माण को प्रतिबंधित करने एवं हो चुके निर्माण को ध्वस्त करने की सिफारिश की थी।
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इस वजह से इस दायरे में आने वाले निर्माण कार्य ठप हैं। हालांकि जीडीए की ओर से एक्शन टेकेन रिपोर्ट प्रमुख सचिव के माध्यम से दाखिल की जा चुकी है। इस बीच 500 मीटर दायरे में नए निर्माण की अनुमति नहीं मिल रही है और न मानचित्र पास किया जा रहा है। वेटलैंड के नोटिफिकेशन के बाद से जीडीए को एनजीटी में पक्ष रखने के लिए मजबूत तर्क मिल चुका है। कानूनी रूप से प्राधिकरण अपना पक्ष मजबूत पा रहा है।
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जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि रामगढ़ताल के वेटलैंड का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। एनजीटी में मामला होने के कारण अभी लोहिया आवंटियों को भी सशर्त रजिस्ट्री की अनुमति बोर्ड ने दी है। प्राधिकरण की ओर से 12 जनवरी को अपना पक्ष रखा जाएगा।