{"_id":"624c0c12a1bbac098b7e9334","slug":"new-lotus-hospital-sealed-for-taking-patient-hostage","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: मरीज को बंधक बनाने के आरोप में न्यू लोटस हॉस्पिटल सील, स्वास्थ्य विभाग ने बंधकों को कराया मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: मरीज को बंधक बनाने के आरोप में न्यू लोटस हॉस्पिटल सील, स्वास्थ्य विभाग ने बंधकों को कराया मुक्त
Tue, 05 Apr 2022 02:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 05 Apr 2022 02:59 PM IST
सार
मरीज और उनके परिजनों को मुक्त कराकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भेजा घर, एक लाख 65 हजार रुपये देने के बाद और मांग रहे थे रुपये।
विज्ञापन
न्यू लोटस हॉस्पिटल सील।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले के मरीज को बंधक बनाने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पैडलेगंज स्थित न्यू लोटस हॉस्पिटल को सील कर दिया है। साथ ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी दिलाते हुए परिजनों के साथ घर भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले में जांच कमेटी भी बना दी है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, बांसगांव के हरिहर भैंसा थाना निवासी राहुल कुमार बेलदार ने सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे से शिकायत की थी कि रिश्तेदार गोविंद को 18 मार्च को इलाज के लिए न्यू लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान एक लाख 65 हजार रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन, इतने भुगतान के बाद भी और रुपये मांगे जा रहे थे, जिसे गोविंद के परिजन देने में असमर्थ थे।
विज्ञापन
आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने मरीज और परिजनों को बंधक बना लिया था। मामले की जानकारी होने पर परिजनों ने सीएमओ से शिकायत की। सीएमओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच के लिए न्यू लोटस हॉस्पिटल भेजा, जहां पर परिजनों को मुक्त कराया। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है। सीएमओ ने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल अग्रिम आदेश तक सील रहेगा। इस मामले में अस्पताल संचालक का पक्ष नहीं मिल सका है। पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि इलाज के नाम पर अधिक रुपये लिए गए और मरीज और परिजनों को जाने नहीं दिया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही मरीज और परिजनों को घर भेज दिया गया है।