खुशखबर: एनईआर को मिला नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड-2021 में प्रथम पुरस्कार
20736 रेलवे आवासों, 393 कार्यालय भवनों एवं 389 स्टेशन भवनों में शत-प्रतिशत एलईडी लाइट का उपयोग करने से 2020-21 में 58 लाख यूनिट बिजली खपत में कमी आई। जिसके चलते 4.5 करोड़ रुपये की बचत हुई।
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पूर्वोत्तर रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है। देश भर में परिवहन के क्षेत्र में पूर्वोत्तर रेलवे को नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड-2021 का प्रथम पुरस्कार मिला है।
महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे में ऊर्जा संरक्षण को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया गया है। यह पुरस्कार रेल खंडों के विद्युतीकरण के चलते गाड़ी संचलन में डीजल इंजन के स्थान पर विद्युत इंजन के प्रयोग, रेलवे आवासों, स्टेशन एवं कार्यालय भवनों में शत-प्रतिशत एलईडी लाइट लगाने, स्टेशन भवनों एवं कार्यालयों में सोलर पैनल स्थापित करने से ऊर्जा बचत के लिए दिया गया है।
ऊर्जा संरक्षण के लिए महत्वूपर्ण कार्य
रेल खंडों के विद्युतीकरण होने से डीजल इंजन के स्थान पर विद्युत इंजन प्रयोग करने एवं 34 गाड़ियों में हेड आन जेनरेशन (एचओजी) लगाने, गोरखपुर स्टेशन के वाशिंग पिट पर पॉवर कार के टेस्टिंग के लिए 758 वोल्ट विद्युत आपूर्ति तथा प्रतिदिन एचएसडी खपत की मॉनिटरिंग से 2020-21 में 96365 किलोलीटर डीजल खपत में कमी लाई गई। जिससे 626 करोड़ रुपये की बचत हुई। 54 स्टेशनों पर सोलर प्लांट लगाया गया।
58 लाख यूनिट बिजली खपत में हुई कमी
20736 रेलवे आवासों, 393 कार्यालय भवनों एवं 389 स्टेशन भवनों में शत-प्रतिशत एलईडी लाइट का उपयोग करने से 2020-21 में 58 लाख यूनिट बिजली खपत में कमी आई। जिसके चलते 4.5 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में 1541.54 किलोवाट एंपियर क्षमता के रूफ टॉप सोलर पैनल स्थापित किया गया। इससे 34.62 लाख यूनिट सोलर एनर्जी की बचत हुई, जिससे 1.18 करोड रेल राजस्व बची।