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नेपाल में विवादित नक्शे वाली पुस्तक के प्रकाशन और वितरण पर रोक
Wed, 23 Sep 2020 02:14 PM IST
vivek shukla
ध्रुव यादव, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)।
ध्रुव यादव, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 23 Sep 2020 02:14 PM IST
सार
- मंत्री परिषद की बैठक में नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली ने किया फैसला
- पुस्तक में छपे नक्शे में भारतीय क्षेत्र को नेपाल में दिखाया गया है
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भारत नापाल सीमा।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नेपाल माध्यमिक शिक्षा की विवादित नक्शे वाली पुस्तक के प्रकाशन और वितरण पर रोक लगा दी है। पुस्तक में छपे नक्शे में भारतीय क्षेत्र लिंपियाधुरा, कालापानी, लिपुलेख आदि को नेपाल में दिखाया गया है।
पीएम ओली की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में नई पुस्तक के प्रकाशन और वितरण पर रोक लगाने का फैसला किया गया। वहीं नेपाल सरकार के एक मंत्री ने बताया कि पुस्तक की केवल 500 प्रतियां छापने का निर्देश दिया गया है। ये प्रतियां नेपाल सरकार से जुड़े खास लोगों में वितरित की जाएंगी। विवादित नक्शे वाली पुस्तक बाजार में उपलब्ध नहीं होगी।
गौरतलब है कि नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने 15 मई को सरकार की नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए भारतीय क्षेत्र को नेपाल में दिखाने वाले नक्शे को सार्वजनिक करने की घोषणा की थी। राष्ट्रपति के इस घोषणा के तहत 18 मई को हुई मंत्री परिषद की बैठक में लिंपियाधुरा, कालापानी व लिपुलेख को नेपाल में दिखाने वाले नक्शे के प्रकाशन का फैसला किया गया था। पुराने नक्शे में नेपाल का क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किमी दिखाया जाता रहा है। भारतीय क्षेत्र को नेपाल में दिखाने वाले नक्शे में यह बढ़कर 1,47,641.28 वर्ग किमी हो गया है।
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पीएम ओली की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्री परिषद की बैठक में नई पुस्तक के प्रकाशन और वितरण पर रोक लगाने का फैसला किया गया। वहीं नेपाल सरकार के एक मंत्री ने बताया कि पुस्तक की केवल 500 प्रतियां छापने का निर्देश दिया गया है। ये प्रतियां नेपाल सरकार से जुड़े खास लोगों में वितरित की जाएंगी। विवादित नक्शे वाली पुस्तक बाजार में उपलब्ध नहीं होगी।
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गौरतलब है कि नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने 15 मई को सरकार की नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए भारतीय क्षेत्र को नेपाल में दिखाने वाले नक्शे को सार्वजनिक करने की घोषणा की थी। राष्ट्रपति के इस घोषणा के तहत 18 मई को हुई मंत्री परिषद की बैठक में लिंपियाधुरा, कालापानी व लिपुलेख को नेपाल में दिखाने वाले नक्शे के प्रकाशन का फैसला किया गया था। पुराने नक्शे में नेपाल का क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किमी दिखाया जाता रहा है। भारतीय क्षेत्र को नेपाल में दिखाने वाले नक्शे में यह बढ़कर 1,47,641.28 वर्ग किमी हो गया है।
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