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बाढ़ का खतरा: नेपाल की बारिश से भारत की ये नदी उफान पर, 24 घंटे में 75 सेमी बढ़ा जलस्तर
Thu, 21 Oct 2021 10:53 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 21 Oct 2021 10:53 AM IST
सार
दो दिनों तक नेपाल की पहाड़ियों पर हुई बारिश के कारण शारदा, सरयू और गिरजा बैराज को खोलना पड़ा। बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। जो पानी छोड़ा गया वह पूर्वांचल की सभी नदियों में गया है। सरयू के जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है।
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नदी का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
नेपाल की पहाड़ियों पर हुई मूसलधार बारिश के कारण सरयू नदी के आस-पास के इलाके में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शारदा, सरयू और गिरजा बैराज से लगभग सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका सर्वाधिक असर सरयू नदी पर पड़ा है। नदी का जलस्तर 24 घंटे में 75 सेमी बढ़ गया है। आशंका है कि आज सरयू खतरे के निशान को पार कर जाएगी। गोला तहसील में नदी के कटान के कारण सिंचाई विभाग ने कुछ लोगों को विस्थापित करने के लिए प्रशासन को कहा है।
दो दिनों तक नेपाल की पहाड़ियों पर हुई बारिश के कारण शारदा, सरयू और गिरजा बैराज को खोलना पड़ा। बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। जो पानी छोड़ा गया वह पूर्वांचल की सभी नदियों में गया है। सरयू के जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अक्तूबर माह के आखिर में कभी बाढ़ नहीं आती है। सरयू का पानी अभी बढ़ रहा है। हालांकि उसके बढ़ने की रफ्तार थोड़ी कम हो गई है। वह खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे है। आशंका है कि वह गुरुवार यानी आज खतरे का निशान पार कर जाएगी। गनीमत है कि नेपाल में बारिश बंद हो गई है। इस नाते जल्द पानी घट सकता है। सरयू, गोला तहसील के बगहा देवार में कटान कर रही है। कटान से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। प्रशासन से कहा गया है कि जिस घर को कटान से खतरा है, उसमें रह रहे लोगों को कहीं और विस्थापित किया जाए।
सिंचाई विभाग के अभियंताओं के मुताबिक बैराज से छोड़ा गया पानी राप्ती में भी आया है। राप्ती नदी का जलस्तर एक मीटर बढ़ा है, लेकिन वह खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे थी। इस नाते एक मीटर बढ़ने का उस पर कोई असर नहीं पड़ा है। जिस क्षेत्र में नदी कटान कर रही है, वहां सतर्कता बढ़ा दी गई है। कटान निरोधक उपाय किए जा रहे हैं।
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अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड-2 रूपेश कुमार खरे ने बताया कि नेपाल में हुई मूसलधार बारिश के कारण शारदा, सरयू और गिरजा बैराज के फाटक को खोल कर पानी छोड़ना पड़ा। तीनों बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। यह पानी कई नदियों में गया है। सर्वाधिक असर सरयू पर पड़ा है। इससे सरयू क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। गोला तहसील के बगहा देवार गांव के एक घर के लोगों को कहीं और विस्थापित करने के लिए डीएम को लिखा गया है। जिस क्षेत्र में कटान हो रही है, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है।
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दो दिनों तक नेपाल की पहाड़ियों पर हुई बारिश के कारण शारदा, सरयू और गिरजा बैराज को खोलना पड़ा। बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया। जो पानी छोड़ा गया वह पूर्वांचल की सभी नदियों में गया है। सरयू के जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अक्तूबर माह के आखिर में कभी बाढ़ नहीं आती है। सरयू का पानी अभी बढ़ रहा है। हालांकि उसके बढ़ने की रफ्तार थोड़ी कम हो गई है। वह खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे है। आशंका है कि वह गुरुवार यानी आज खतरे का निशान पार कर जाएगी। गनीमत है कि नेपाल में बारिश बंद हो गई है। इस नाते जल्द पानी घट सकता है। सरयू, गोला तहसील के बगहा देवार में कटान कर रही है। कटान से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। प्रशासन से कहा गया है कि जिस घर को कटान से खतरा है, उसमें रह रहे लोगों को कहीं और विस्थापित किया जाए।
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सिंचाई विभाग के अभियंताओं के मुताबिक बैराज से छोड़ा गया पानी राप्ती में भी आया है। राप्ती नदी का जलस्तर एक मीटर बढ़ा है, लेकिन वह खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे थी। इस नाते एक मीटर बढ़ने का उस पर कोई असर नहीं पड़ा है। जिस क्षेत्र में नदी कटान कर रही है, वहां सतर्कता बढ़ा दी गई है। कटान निरोधक उपाय किए जा रहे हैं।
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अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड-2 रूपेश कुमार खरे ने बताया कि नेपाल में हुई मूसलधार बारिश के कारण शारदा, सरयू और गिरजा बैराज के फाटक को खोल कर पानी छोड़ना पड़ा। तीनों बैराज से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। यह पानी कई नदियों में गया है। सर्वाधिक असर सरयू पर पड़ा है। इससे सरयू क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। गोला तहसील के बगहा देवार गांव के एक घर के लोगों को कहीं और विस्थापित करने के लिए डीएम को लिखा गया है। जिस क्षेत्र में कटान हो रही है, वहां निगरानी बढ़ा दी गई है।