नया गोरखपुर: ...यानि सबकुछ नया, आपसी सहमति से तय होगा मुआवजा
नया गोरखपुर की छह हजार एकड़ की परियोजना पर करीब 17 हजार करोड़ रुपये खर्च होंंगे। पहली किस्त के रूप में शासन की ओर से बुधवार को इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को मिले हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी छोर पर (पिपराइच-मानीराम) मॉडल सैटेलाइट सिटी के रूप में नया गोरखपुर बसाने की योजना पर जीडीए अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि इस योजना में टाउनशिप विकसित होने से जहां शहर का विस्तार होगा, वहीं लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीदें भी पूरी होंगी। अफसरों का दावा है कि गोरखपुर को नए ढंग का शहर ही नहीं, वहां सबकुछ नया ही मिलेगा..।
परियोजना में किसी तरह की अड़चन न आए, इसके लिए किसानों की सहमति से ही कार्रवाई की जाएगी। शासन की ओर से चार सौ करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने के बाद योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी तेज कर दी गई है।
नया गोरखपुर की छह हजार एकड़ की परियोजना पर करीब 17 हजार करोड़ रुपये खर्च होंंगे। पहली किस्त के रूप में शासन की ओर से बुधवार को इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को मिले हैं। इस योजना में पांच लाख लोगों को बसाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कुल 24 गांवों में किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी ने एथेनाल प्लांट का किया शिलान्यास, बोले- सपा बनाना चाहती थी बूचड़खाना, हमने लगाया उद्योग
जलभराव से होंगे मुक्त, बाढ़ का नहीं रहेगा खतरा
जीडीए से जुड़े लोगों का कहना है कि नया गोरखपुर के विस्तार के लिए उन जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पर जलभराव की स्थिति न हो। ऐसे क्षेत्रों को महत्व दिया जाएगा, जो बाढ़ से मुक्त हों। इसके लिए किसानों से ली जाने वाली जमीन नए रेट पर लेने की तैयारी है। हालांकि पूर्व में सर्किल रेट से चार गुना कीमत देने पर किसान राजी नहीं हुए थे, इसलिए नए सिरे से कार्रवाई करते हुए छह माह का बैनामा जुटाकर पूरे क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा।
इसके बाद ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। किसानों से सहमति बनाने के लिए जीडीए, राजस्व और विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से गांवों में जाएंगे, ताकि किसी तरह की समस्या आगे न आए।
इसे भी पढ़ें: टूटा है दुखों का पहाड़: दादा ने दी देश के लिए जान, अब मुफलिसी में जी रहे वंशज
बनाए जाएंगे मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल और अस्पताल
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में गूंजा देशभक्ति का तराना, डांस प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाया जलवा
जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का इंतजार
जीडीए की नया गोरखपुर परियोजना को आगे बढ़ाने में जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का कार्य मदद करेगा। जितना जल्द रिंंग रोड का काम शुरू होगा, उतनी ही जल्दी नया गोरखपुर आकार लेने लगेगा। माना जा रहा है कि इसका विस्तार रिंग रोड के आसपास होगा, ताकि इसके महत्व को बढ़ाया जा सके।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि नया गोरखपुर के लिए किसानों की सहमति से जमीनों का अधिग्रहण किया जाएगा। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, नया गोरखपुर पूरी तरह से अत्याधुनिक होगा।