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चमोली हादसा: उत्तराखंड भेजा जाएगा नागेंद्र के परिजनों का डीएनए, इससे होगी शव की पहचान
Fri, 19 Feb 2021 08:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 19 Feb 2021 08:32 PM IST
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chamoli disaster, tunnel
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड हादसे में लापता गोरखपुर के डोहरिया क्षेत्र के बुढ़ियाबारी निवासी नागेंद्र सिंह के परिजनों का डीएनए उत्तराखंड सरकार को भेजा जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेडिकल टीम गठित की जा रही है। जिले से डीएनए का सैंपल पहले यूपी शासन को और वहां से उत्तराखंड भेजा जाएगा।
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उत्तराखंड के चमोली में हुए हादसे में गोरखपुर के कुल चार लोग लापता थे। इनमें से तीन का शव घटना के सात दिन बाद चमोली के रैणी गांव में मिला था। मगर नागेंद्र के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं हो पाई।
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घटना के करीब 12 दिन गुजरने की वजह से अब रेस्क्यू ऑपरेशन में जो शव मिल रहे हैं, उनकी पहचान आसान नहीं रह गई है। ऐसे में पहचान में सहूलियत के लिए ही अब डीएनए मंगाए जा रहे हैं। आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि डीएम के निर्देश पर डीएनए के लिए सीएमओ को पत्र भेजा जा रहा है।
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तीन पीड़ित परिवारों के खाते में भेजी गई दो-दो लाख की मदद
हादसे में गोरखपुर के जिन तीन लोगों के शव मिल चुके हैं उनके परिवार वालों के खातों में यूपी सरकार की तरफ से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई है। आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि जगतबेला के गौरा खास निवासी धनुर्धारी सिंह और वेद प्रकाश के परिजनों को पहले ही रकम भेजी जा चुकी है।
सहजनवां के केशाकुरहा निवासी शेषनाथ उपाध्याय के परिजनों ने जो खाता दिया था वह सक्रिय नहीं था। उनसे दूसरा खाता नंबर मांगा गया था। शुक्रवार को उनके खाते में भी दो लाख रुपये की आर्थिक मदद भेज दी गई। उन्होंने बताया कि जल्द ही पीड़ितों को उत्तराखंड सरकार की तरफ से भी आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
सहजनवां के केशाकुरहा निवासी शेषनाथ उपाध्याय के परिजनों ने जो खाता दिया था वह सक्रिय नहीं था। उनसे दूसरा खाता नंबर मांगा गया था। शुक्रवार को उनके खाते में भी दो लाख रुपये की आर्थिक मदद भेज दी गई। उन्होंने बताया कि जल्द ही पीड़ितों को उत्तराखंड सरकार की तरफ से भी आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।