{"_id":"5f7d8dfb24edec56385ef32f","slug":"murder-of-medical-dealer-will-be-investigated-again-after-brother-requested-to-cm-yogi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवा व्यापारी की हत्या के मामले की दोबारा होगी जांच, भाई ने लगाई थी सीएम से गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवा व्यापारी की हत्या के मामले की दोबारा होगी जांच, भाई ने लगाई थी सीएम से गुहार
Wed, 07 Oct 2020 03:14 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 07 Oct 2020 03:14 PM IST
सार
- एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई, भाई ने लगाई थी सीएम से गुहार
- 22 अगस्त 2019 को भैरोपुर निवासी रंजीत की गोली मारकर हुई थी हत्या
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के भैरोपुर निवासी दवा कारोबारी रंजीत कुमार की हत्या के मामले की पुलिस दोबारा जांच करेगी। पुलिस ने 29 अगस्त 2020 को मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद रंजीत के भाई व मुकदमे के वादी संजीव कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर पत्र देकर फिर से जांच करने की गुहार लगाई थी। एसएसपी के आदेश पर दोबारा विवेचना शुरू की गई है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त 2019 की रात घर में सोते समय दवा कारोबारी रंजीत कुमार की सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के वक्त रंजीत के भाई संजीव बगल के कमरे में सो रहे थे। पुलिस को सूचना देकर संजीव जख्मी रंजीत को अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में अगले दिन रंजीत की मौत हो गई। संजीव ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी और मुकदमा दर्ज हो गया।
विज्ञापन
संजीव ने अपने पिता को संदेह के घेरे में रखा था। उनका आरोप है कि रंजीत का पिता के साथ पैतृक संपत्ति का विवाद था। पुलिस ने जांच कर इसमें अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। इस सिलसिले में रंजीत के पिता का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
विज्ञापन
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि पुलिस ने मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाकर सीओ के पास भेजा था। मृतक के भाई ने विवेचना फिर से शुरू कराने की मांग की थी। इस आधार पर विवेचना फिर से शुरू कराई गई है।