गोरखपुर में फिर गहराया कूड़ा उठान पर संकट, ग्रामीणों ने लौटाई गाड़ियां
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गोरखपुर शहर में कूड़ा उठान और उसके निस्तारण पर फिर संकट गहरा गया है। नौसड़ के लोगों ने शनिवार को नगर निगम की गाड़ियों को एकला बांध पर कूड़ा गिराने से रोक दिया।
बिना कूड़ा गिराए ही सभी गाड़ियां नगर निगम के महेवा स्थित स्टोर में आकर खड़ी हो गई हैं। वहीं, देर शाम तक नगर निगम के अधिकारी कूड़ा गिराने के लिए नई जगह तलाशने में लगे रहे।
शहर से रोजाना करीब 550 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसे मुख्य रूप से नौसड़ स्थित एकला बांध पर गिराया जाता है। इससे उठने वाली दुर्गंध से नाराज क्षेत्रीय नागरिकों ने शनिवार को विरोध कर दिया।
उनका कहना था कि कूड़ा नहीं गिरने देंगे। डंपिंग ग्राउंड नहीं है, फिर भी पिछले दो वर्षों से कूड़ा गिराया जा रहा है। कूड़े से 500 मीटर के दायरे में दुर्गंध उठती है। इससे दम फूलता है। तमाम तरह की बीमारियां फैलती हैं।
अधिकारियों से हुई बात
पूरे शहर का कूड़ा एकला बंधे पर फेंका जा रहा है। इससे कोरोना संक्रमण का भी खतरा है। लॉकडाउन से पहले भी कूड़ा गिराने का विरोध किया था। गाड़ियां वापस हुई थीं, फिर भी नगर निगम प्रशासन नहीं मान रहा है।
नगर आयुक्त और क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि के बीच बात हुई, फिर कूड़ा गिराने क सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसा लगता है जनता की सहूलियत से कोई लेनादेना ही नहीं है। अब कूड़ा नहीं गिरने दिया जाएगा। विरोध की वजह से ही शनिवार को एक भी गाड़ी का कूड़ा एकला बंधे पर नहीं गिर सका।
नगर निगम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि नौसड़ के एकला बांध पर कूड़ा गिराने का विरोध हुआ। क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम की गाड़ियों को रोक दिया। कूड़ा लदी गाड़ियां स्टोर में खड़ी हैं। नगर निगम प्रशासन कूड़ा गिराने के वैकल्पिक स्थान की तलाश में लगा है।