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गोरखपुर: नगर निगम के तीन इंजीनियरों पर गिरेगी गाज, वजह जान लें
Thu, 08 Oct 2020 01:37 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 08 Oct 2020 01:37 PM IST
सार
- नाले का गलत प्रस्ताव स्वीकृति कराने पर नगर आयुक्त ने शासन को लिखा पत्र
- शाहपुर इलाके में तीन नालों का बनाया गया था प्रस्ताव, जांच में वहां पहले से बने हुए नालों की स्थिति मिली बेहतर
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गोरखपुर नगर निगम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नगर निगम के निर्माण विभाग के एक अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), एक सहायक अभियंता (एई) और एक अवर अभियंता (जेई) पर गाज गिरने वाली है। शाहपुर इलाके में नाले के बेहतर स्थिति में होने के बावजूद उसी स्थान पर नए सिरे से नाला निर्माण की स्वीकृति देने के मामले में नगर आयुक्त ने तीनों के खिलाफ शासन में कार्रवाई की संस्तुति की है।
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शाहपुर वार्ड में राधेश्याम यादव के मकान से मकान संख्या 107 तक, बीके अग्रवाल के घर से मलिन बस्ती होते हुए बिजली ऑफिस तक और ट्रांसफार्मर से विजय तिवारी का आवास होते हुए बड़े पार्क के नजदीक तक आरसीसी कवर्ड ड्रेन के निर्माण के लिए करीब 93 लाख रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया। नगर निगम की ओर से तैयार इस प्लान को शासन ने भी स्वीकृति दे दी। इसके लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया गया।
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क्षेत्रीय लोगों ने बेहतर स्थिति में बने नाले के स्थान पर नए सिरे से नाला बनाए जाने के औचित्य पर सवाल उठाया और नगर आयुक्त को इसकी जानकारी दी। नगर आयुक्त ने जांच टीम गठित की। जांच टीम ने यहां नाला बनाए जाने को गलत ठहराते हुए रिपोर्ट शासन को दी। इसके बाद नगर आयुक्त ने शासन से इन तीनों काम को निरस्त करा दिया। साथ ही इंजीनियरों विवेकानंद सिंह, शशिभूषण तिवारी और देवेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता ही फील्ड से संबंधित रिपोर्ट देते हैं। इसपर भरोसा करके अफसर हस्ताक्षर कर देते हैं। यही शाहपुर के तीन नालों के निर्माण के मामले में भी हुआ। फील्ड के अधिकारियों की रिपोर्ट पर भरोसा करके फाइल पर हस्ताक्षर कर दिया। बाद में पता चला कि जिन कार्यों को स्वीकृति दी गई है वह पहले से ही ठीक हैं। इसलिए इन कार्यों को निरस्त कर दिया गया। साथ ही गलत प्रोजेक्ट तैयार करने वाली टीम में शामिलतीन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की है।