फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Mothers Day 2021 special struggle story of two Mothers for son in sant kabir nagar

मदर्स डे 2021: मां के संघर्षो से औलादों ने छू ली बुलंदी, यहां पढ़ें इन माताओं की दर्द भरी कहानी

Sun, 09 May 2021 12:09 PM IST
vivek shukla शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 09 May 2021 12:09 PM IST
सार

शकुंतला की मेहनत रंग लाई और बड़ा बेटा एसडीएम तो छोटा बेटा निजी कंपनी में बना एरिया मैनेजर। फूलमती के संघर्ष से बेटा असिस्टेंट प्रोफेसर तो बेटी बेसिक शिक्षा विभाग में बनी शिक्षिका।

विज्ञापन
Mothers Day 2021 special struggle story of two Mothers for son in sant kabir nagar
फूलमती और शकुंतला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में मां के संघर्षो की बदौलत औलादों ने तरक्की की बुलंदी को छू ली। ऐसी दो माताओं की दर्द भरी संघर्षपूर्ण कहानी है, जिनकी शादी के कुछ ही साल बाद पति की मौत हो जाने से जीवन की खुशियां छिन गई। दोनों माताओं ने अपनी औलादों की जिंदगी संवारने के लिए कड़ा संघर्ष किया। जिसमें एक मां के बेटे ने एसडीएम बन कर समाज में नाम रोशन किया। जबकि दूसरी मां के बेटे ने असिस्टेंट प्रोफेसर बन कर समाज में परिवार का रूतबा बढ़ाया। यह दोनों माताएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
विज्ञापन


महुली क्षेत्र के विश्वनाथपुर गांव की रहने वाली शकुंतला देवी पत्नी स्वर्गीय अरविंद पांडेय की शादी वर्ष 1984 में हुई थी। उनके दो बेटे पैदा हुए। वर्ष 1988 में उनके पति अरविंद पांडेय की मौत हो गई। उस वक्त उनके बड़े बेटे अभय कुमार पांडेय की उम्र ढाई वर्ष और छोटे बेटे निर्भय पांडेय की उम्र डेढ़ साल थी। उनके ससुर राम अधार पांडेय गोरखपुर के कौड़िया ब्लॉक में एडीओआईएसबी के पद पर तैनात थे। 
विज्ञापन


पति की मौत के बाद शकुंतला की जिंदगी सूनी हो गई, लेकिन दोनों बेटों के सहारे जिंदगी को संवारने की कोशिश शुरू की। वह स्नातक की डिग्री ली थीं और गोरखपुर के एक स्कूल में अध्यापन कार्य करने लगीं। इधर ससुर राम अधार पांडेय ने भी ठीक प्रकार से अपने पौत्रों की देखभाल की। करीब 12 वर्षों तक शंकुतला ने प्राइवेट स्कूल में बतौर शिक्षिका काम की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2012 में शंकुतला के बड़े बेटे अभय कुमार पांडेय का चयन यूपीपीसीएस में हो गया और प्रदेश में दसवी रैंक हासिल किया। वर्तमान में उनके एसडीएम बेटे की बाराबंकी जिले में तैनाती है। जबकि छोटा बेटा निर्भय पांडेय एक निजी कंपनी में एरिया मैनेजर है। शकुंतला पांडेय बताती हैं कि बच्चों ने लगन से पढ़ाई की। ससुर ने ठीक प्रकार से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया और उनकी मेहनत रंग लाई। जिसकी वजह से उनके दोनों बेटों ने कामयाबी हासिल की।

विश्वनाथपुर गांव की ही रहने वाली फूलमती पांडेय पत्नी स्वर्गीय शेषमणि पांडेय की वर्ष 1974 में शादी हुई थी। उनके पति ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में बतौर जेई के पद पर गोरखपुर में तैनात थे। उनका एक बेटा और एक बेटी पैदा हुए। इधर वर्ष 1985 में उनके पति शेषमणि पांडेय की मौत हो गई। उस दौरान बड़े बेटे पुरूषोत्तम पांडेय की उम्र चार साल और बेटी लक्ष्मी की उम्र दो साल थी। 

पति की मौत के बाद फूलमती की जिंदगी में अंधेरा छा गया, लेकिन वह संयम और हिम्मत से काम लीं। वर्ष 1986 में आश्रित कोटे में उन्हें गोरखपुर में ही ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर नौकरी मिल गई। फूलमती पांडेय बताती हैं कि पति की मौत के बाद वह अपने इकलौते बेटे और बेटी को शिक्षा दिलाकर कामयाब बनाने का सपना पाल लीं। बेटे पुरूषोत्तम पांडेय ने अंग्रेजी विषय से एमए, बीएड और नेट उत्तीर्ण किया। बेटे को पहले बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक पद पर नौकरी मिली। बाद में बेटे का चयन इंटरमीडिएट कॉलेज में अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता के पद पर हो गया। 

करीब एक साल पहले बेटे का चयन अंग्रेजी विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ। एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में बेटे को तैनाती मिली है। जबकि छोटी बेटी लक्ष्मी ने बीएससी और बीटीसी उत्तीर्ण की। बेटी भी बेसिक शिक्षा विभाग में जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक पद पर तैनात है। उनकी बहू पूनम भी जूनियर हाईस्कूल में अध्यापक हैं। वह बताती हैं कि धैर्य और संयम से किसी भी मुसीबत को टाला जा सकता है। उनके अपनों ने भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मदद की। वह बताती हैं कि शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा कर अपनी औलाद को कामयाबी की बुलंदी पर पहुंचाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed