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यूपी: सिद्धार्थनगर में करंट की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत, पानी पीने के दौरान हुआ हादसा

Wed, 12 Aug 2020 05:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 12 Aug 2020 05:18 PM IST
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Mother-daughter death due to electrocution in Siddharthnagar
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में मंगलवार रात एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां रात में पानी लेने उठी युवती लोहे के पाइप में उतर रहे करंट की चपेट में आ गई, उसे बचाने दौड़ी मां भी करंट की चपेट में आ गई। हादसे में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा करने के बाद मां-बेटी के शव को परिजनों को सौंप दिया। हादसे से गांव वालों में दुख व्याप्त है।

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घटना त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र के ग्राम मनिकौरा में मंगलवार रात घटी। गांव के लक्ष्मीनाथ अग्रहरि का परिवार मंगलवार रात खाना खाने के बाद सो गया। पत्नी शकुंतला (50) और बेटी प्रमिला (21) घर के सामने बरामदे में टिनशेड के नीचे सो गईं। परिजनों के अनुसारी प्रमिला रात एक बजे के बाद पानी पीने के लिए उठी। नींद में उसका पांव लोहे के पाइप से टकरा गया। पाइप में करंट उतर रहा था।
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करंट की चपेट में आकर वह मदद के लिए चीख पुकार करने लगी। आवाज सुनकर मां शकुंतला कुछ समझे बिना ही बेटी के पास पहुंची और उसे उठाने लगी। बेटी को छूते ही वह भी करंट की चपेट में आ गईं। मां-बेटी की चीख सुनकर, घर के अन्य सदस्य जुट गए। उन्होंने बिजली के मुख्य स्विच को बंद कर दिया। इतनी देर में दोनों गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं।

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मां को ढूंढ रही मासूम लवली

परिजन उन्हें इलाज के लिए कहीं ले जाते इससे पहले ही दोनों की सांसें थम गईं। मां-बेटी की मौत से घर में कोहराम मच गया, रात में ही पूरे गांव के लोग लक्ष्मीनाथ के घर में जमा हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची ने शव कब्जे में लिए लेकिन परिवार वालों ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराने का आग्रह किया।

परिवार और गांव वालों के अनुरोध पर पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया। एसओ त्रिलोकपुर रणधीर कुमार मिश्रा ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं चाहते थे, इसलिए पंचनामा कर अंतिम संस्कार के लिए शव उन्हें सौंप दिया गया।

शकुंतला और बेटी प्रमिला की मौत से गांव में तो दुख व्याप्त ही है लक्ष्मीनाथ के परिवार का भी बुरा हाल है। छह साल की सबसे छोटी बेटी लवली घर के बाहर लगी भीड़ में अम्मा को आवाज देकर खोजती रही, उसकी हालत देख गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। लक्ष्मीनाथ दंपति के सात बच्चे हैं जिनमें प्रमिला सबसे बड़ी थी।
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