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एमएमएमयूटी : विद्यार्थियों के शोध को पेटेंट कराएगा विश्वविद्यालय
Wed, 13 Dec 2023 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 13 Dec 2023 01:47 AM IST
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- विश्वविद्यालय शोध को पेटेंट कराकर अपनी संपत्ति बनाएगा
- शोध पेटेंट होने से विवि की वैश्विक रैंकिंग में मिलेगा मदद
- शोध के निर्देशक और छात्र को मिलेगा उनका क्रेडिट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) विद्यार्थियों द्वारा किए गए शोध को पेटेंट कराएगा। पेटेंट में आने वाला खर्च विश्वविद्यालय उठाएगा। वहीं, शोध का क्रेडिट विद्यार्थी उसके निर्देशक और फैकल्टी को दिया जाएगा। शोध को पेटेंट कराने के बाद विश्वविद्यालय उसे अपनी संपत्ति घोषित कराएगा।
आमतौर पर देखा जाता है कि विश्वविद्यालय में शोध तो होता है लेकिन उसको पेटेंट कराने के लिए छात्र और शिक्षक गंभीरता नहीं दिखाते हैं। इसके पीछे का कारण भागदौड़ और मोटी रकम के खर्च को माना जा रहा है। एक शोध को पेटेंट कराने में करीब एक लाख रुपये तक का खर्च आता है। इसे देखते हुए एमएमएमयूटी ने शोध को पेटेंट कराने का निर्णय लिया है। इस काम के लिए विद्या परिषद और प्रबंध बोर्ड ने अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय शोध को पेटेंट कराने का खर्च स्वयं उठाएगा। शोध पत्र सौंपने के बाद विद्यार्थी एवं शिक्षक की जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी। विश्वविद्यालय पेटेंट के लिए जो भी आवश्यक कागजी कार्रवाई होगी उसे पूरा कराएगा। शोध काे पेटेंट विश्वविद्यालय के नाम से कराया जाएगा। जबकि उसका क्रेडिट संबंधित विद्यार्थी व शिक्षक के साथ फैकल्टी को दिया जाएगा।
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शोध पेटेंट से रैंकिंग में मिलेगी मदद
एनआईआरएफ, नैक समेत अन्य विश्वस्तरीय रैंकिंग में शोध पेटेंट का काफी महत्व है। रैंकिंग के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा किया कितना शोध पेटेंट कराया गया है, इसका भी उल्लेख किया जाता है। शोध में विश्वविद्यालय का संसाधनों का तो उपयोग किया जाता है लेकिन उसको क्रेडिट नहीं मिलता है। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय ने शोध को अपने नाम से पेटेंट कराने का निर्णय लिया है।
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लॉ फर्म के माध्यम से कराया जाएगा पेटेंट
एमएमएमयूटी ने शोध को पेटेंट कराने के लिए एक लॉ फर्म का चयन करने का निर्णय लिया है। वह फर्म शोध को पेटेंट कराने में आने वाली आवश्यक विधिक कार्रवाई के साथ अन्य बिंदुओं पर कागजात तैयार कर आवेदन करेगी। लॉ फर्म के चयन के लिए विश्वविद्यालय जल्द निविदा निकालने वाला है।
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कोट...
विश्वविद्यालय में हुए शोध को पेटेंट कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। शोध को पेटेंट कराने का खर्च विश्वविद्यालय वहन करेगा। इसके लिए एक लॉ फर्म का चयन किया जाना है। पेटेंट विश्वविद्यालय के नाम पर होगा। इसका क्रेडिट विद्यार्थी, शिक्षक व फैकल्टी को दी जाएगी।
प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी
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- शोध पेटेंट होने से विवि की वैश्विक रैंकिंग में मिलेगा मदद
- शोध के निर्देशक और छात्र को मिलेगा उनका क्रेडिट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) विद्यार्थियों द्वारा किए गए शोध को पेटेंट कराएगा। पेटेंट में आने वाला खर्च विश्वविद्यालय उठाएगा। वहीं, शोध का क्रेडिट विद्यार्थी उसके निर्देशक और फैकल्टी को दिया जाएगा। शोध को पेटेंट कराने के बाद विश्वविद्यालय उसे अपनी संपत्ति घोषित कराएगा।
आमतौर पर देखा जाता है कि विश्वविद्यालय में शोध तो होता है लेकिन उसको पेटेंट कराने के लिए छात्र और शिक्षक गंभीरता नहीं दिखाते हैं। इसके पीछे का कारण भागदौड़ और मोटी रकम के खर्च को माना जा रहा है। एक शोध को पेटेंट कराने में करीब एक लाख रुपये तक का खर्च आता है। इसे देखते हुए एमएमएमयूटी ने शोध को पेटेंट कराने का निर्णय लिया है। इस काम के लिए विद्या परिषद और प्रबंध बोर्ड ने अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय शोध को पेटेंट कराने का खर्च स्वयं उठाएगा। शोध पत्र सौंपने के बाद विद्यार्थी एवं शिक्षक की जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी। विश्वविद्यालय पेटेंट के लिए जो भी आवश्यक कागजी कार्रवाई होगी उसे पूरा कराएगा। शोध काे पेटेंट विश्वविद्यालय के नाम से कराया जाएगा। जबकि उसका क्रेडिट संबंधित विद्यार्थी व शिक्षक के साथ फैकल्टी को दिया जाएगा।
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शोध पेटेंट से रैंकिंग में मिलेगी मदद
एनआईआरएफ, नैक समेत अन्य विश्वस्तरीय रैंकिंग में शोध पेटेंट का काफी महत्व है। रैंकिंग के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा किया कितना शोध पेटेंट कराया गया है, इसका भी उल्लेख किया जाता है। शोध में विश्वविद्यालय का संसाधनों का तो उपयोग किया जाता है लेकिन उसको क्रेडिट नहीं मिलता है। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय ने शोध को अपने नाम से पेटेंट कराने का निर्णय लिया है।
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लॉ फर्म के माध्यम से कराया जाएगा पेटेंट
एमएमएमयूटी ने शोध को पेटेंट कराने के लिए एक लॉ फर्म का चयन करने का निर्णय लिया है। वह फर्म शोध को पेटेंट कराने में आने वाली आवश्यक विधिक कार्रवाई के साथ अन्य बिंदुओं पर कागजात तैयार कर आवेदन करेगी। लॉ फर्म के चयन के लिए विश्वविद्यालय जल्द निविदा निकालने वाला है।
कोट...
विश्वविद्यालय में हुए शोध को पेटेंट कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे है। शोध को पेटेंट कराने का खर्च विश्वविद्यालय वहन करेगा। इसके लिए एक लॉ फर्म का चयन किया जाना है। पेटेंट विश्वविद्यालय के नाम पर होगा। इसका क्रेडिट विद्यार्थी, शिक्षक व फैकल्टी को दी जाएगी।
प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी