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एमएमएमयूटी: शुल्क में भी लाखों का हेरफेर, साक्ष्य जुटा रहा विश्वविद्यालय

Tue, 14 Feb 2023 01:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 14 Feb 2023 01:38 PM IST
सार

विश्वविद्यालय में सितंबर 2023 में कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के सामने पहली बार एक छात्र के प्रवेश और शुल्क जमा करने की रसीद के संदिग्ध होने का मामला सामने आया था। कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया।

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MMMUT Manipulation of lakhs in fee also university collecting evidence
MMMUT - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में फर्जी कागजात के आधार पर प्रवेश की जांच अब अंतिम चरण में है। जांच में प्रवेश शुल्क जमा करने में भी लाखों का हेरफेर किया गया है। अब 2019-20 तक हुए प्रवेश की जांच की जा रही है। विवि पूरे साक्ष्य के साथ इस प्रकरण को विद्या परिषद की बैठक में भी रखेगा और इसके बाद हाईकोर्ट में भी जांच और साक्ष्य प्रस्तुत करने की तैयारी है।
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विश्वविद्यालय में सितंबर 2023 में कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के सामने पहली बार एक छात्र के प्रवेश और शुल्क जमा करने की रसीद के संदिग्ध होने का मामला सामने आया था। कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया। जब जांच हुई तो दो सत्रों में कुल 40 विद्यार्थियों का प्रवेश फर्जी कागजात के आधार पर पाया गया।
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इन छात्रों को दिसंबर तक साक्ष्य प्रस्तुत करने का समय विवि ने दिया और पूरे प्रकरण की जानकारी राजभवन को और मुख्यमंत्री को दे दिया। जांच के लिए एक कमेटी बना दी गई। उधर, छात्र हाईकोर्ट चले गए और उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई और साक्ष्य उपलब्ध कराने का भी समय दिया गया। कुल 31 छात्रों ने दस्तावेज विवि को उपलब्ध कराए हैं, जिसकी जांच चल रही है। 28 को हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई होगी।
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एक कॉलेज में 23 वर्ष पूर्व होता था इसी तरह प्रवेश
शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में करीब 23 वर्ष पूर्व फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश होता है। प्रवेश के लिए कॉलेज के ही स्टॉफ और कुछ बाहरी तत्वों का गठजोड़ काम करता था। विधि प्रथम वर्ष में 240 सीटें थी और 345 प्रवेश लिए गए। जब विभाग में सूची का मिलान किया गया तो फर्जीवाड़ा सामने आया। जिनका नाम सूची में नहीं था उनका भी कार्ड बन गया और शुल्क जमा करा दिया गया। ठीक उसी प्रकार एमएमएमयूटी का भी प्रकरण सामने आ रहा है। विवि उस प्रकरण को भी ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रहा है।
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