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गोरखपुर: एमएमएमयूटी बना नैक में आवेदन करने वाला प्रदेश का पहला तकनीकी विवि, बेहतर ग्रेड मिलने की उम्मीद
Sun, 27 Jun 2021 02:09 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 27 Jun 2021 02:09 PM IST
सार
विश्वविद्यालय के कुलपति ने नैक की साइट पर अपलोड किया विवि का डाटा।
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- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन कर दिया है। यह विश्वविद्यालय नैक के लिए आवेदन करने वाला प्रदेश का पहला तकनीकी विश्वविद्यालय बन गया है। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने नैक (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की साइट पर विश्वविद्यालय का डाटा अपलोड किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन बीते छह महीने से इसकी तैयारी कर रहा था। कुलपति ने इसके लिए समिति भी बनाई थी। समिति में रहे डीन प्लान एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि हर विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी विभाग के किसी एक शिक्षक को दी गई थी।
नोडल अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ा डाटा बिंदुओं के लिए निर्धारित समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। अब अगली प्रक्रिया सेल्फ अप्रेजल की है। उसके बाद नैक की टीम विश्वविद्यालय परिसर में आएगी और अपलोड किए डाटा का भौतिक सत्यापन करेगी, जिसके आधार पर ग्रेड का निर्धारण होगा।
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एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में व्यवस्थाएं नैक के मानक के अनुकूल है। पाठ्यक्रम से लेकर संसाधन तक अपग्रेड हैं। ऐसे में बेहतर ग्रेड मिलने की पूरी उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला तकनीकी विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन बीते छह महीने से इसकी तैयारी कर रहा था। कुलपति ने इसके लिए समिति भी बनाई थी। समिति में रहे डीन प्लान एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि हर विभाग से एक नोडल अधिकारी नामित किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी विभाग के किसी एक शिक्षक को दी गई थी।
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नोडल अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ा डाटा बिंदुओं के लिए निर्धारित समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। अब अगली प्रक्रिया सेल्फ अप्रेजल की है। उसके बाद नैक की टीम विश्वविद्यालय परिसर में आएगी और अपलोड किए डाटा का भौतिक सत्यापन करेगी, जिसके आधार पर ग्रेड का निर्धारण होगा।
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एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में व्यवस्थाएं नैक के मानक के अनुकूल है। पाठ्यक्रम से लेकर संसाधन तक अपग्रेड हैं। ऐसे में बेहतर ग्रेड मिलने की पूरी उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला तकनीकी विश्वविद्यालय बन गया है, जिसने नैक मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है।