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गोरखपुर: जलभराव में गिरा बिजली का तार, करंट की चपेट में आने से किशोर की हुई मौत
Thu, 30 Jul 2020 02:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 30 Jul 2020 02:13 PM IST
सार
- कहने के बावजूद दूसरे जर्जर तार को नहीं बदला गया था, जिसके चलते हुआ हादसा
- शाहपुर इलाके के हनुमंत नगर कॉलोनी की घटना, विद्युत निगम के खिलाफ किया प्रदर्शन
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के शाहपुर इलाके के हनुमंत नगर कॉलोनी में बुधवार को जलभराव के बीच बिजली का तार टूटकर गिरने से करंट की चपेट में आए हर्ष पांडेय (17) की मौत हो गई। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना उपकेंद्र में दी। इसके बाद भी आपूर्ति बंद नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने 112 नंबर पर टेलीफोन कर घटना की सूचना दी। नाराज स्थानीय लोगों ने निगम के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
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दरअसल, 24 घंटे पहले ही निगम की तरफ से उसी बिजली खंभे से एक तार को बदला गया था। लेकिन जर्जर तार नहीं दिखा। विभागीय लापरवाही से आपूर्ति का भार जर्जर तार नहीं झेल सका और टूट गया जिसकी चपेट में किशोर आ गया।
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जानकारी के मुताबिक, देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के एकौना गांव निवासी दवा कंपनी के एमआर पिंटू पांडेय परिवार सहित शाहपुर थाना क्षेत्र के हनुमंत नगर कॉलोनी में संतोष पांडेय के मकान में पांच वर्षों से किराए पर रहते हैं। इनके दो बेटों में हर्ष सबसे बड़ा था। मंगलवार सुबह बिजली निगम ने इलाके के बिजली पोल से जाने वाली एलटी लाइन को बदला था। इसी के पास एक जर्जर तार और था। इसे बदलने के लिए इलाके के लोग लगातार जेई से शिकायत कर रहे थे।
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तार बदलते वक्त भी लोगों ने जर्जर तार को बदलने के लिए कहा लेकिन नहीं बदला गया। बुधवार दोपहर में पोल से एलटी लाइन का वही जर्जर तार टूटकर जलभराव में गिर गया। उसी वक्त हर्ष पानी के बीच से गुजर रहा था कि पानी में करंट आने से चपेट में आ गया जिससे उसकी मौत हो गई। आधे घंटे तक पानी में हर्ष का शव पड़ा रहा।
इस बाबत अधिशासी अभियंता हवलदार रावत का कहना है कि स्थानीय जेई की गलती नहीं है। मंगलवार को ही उसने कुछ तार बदला था। जो तार ओवरलोड होकर टूटा है उस पर भार भी अधिक नहीं चल रहा। स्थानीय किसी उपभोक्ता ने अपने कनेक्शन लोड के सापेक्ष अधिक बिजली खपत की होगी। इसी से तार टूटकर गिरा।
हनुमंत नगर से ग्रामीण खंड द्वितीय उपकेंद्र (पादरी बाजार) की दूरी लगभग आधे घंटे की है। पानी में करंट उतरते ही स्थानीय लोगों ने फोन से इसकी सूचना उपकेंद्र में दी। 10 से 15 मिनट के अंतराल में लाइन तो काटी गई लेकिन स्थानीय अधिकारियों को पहुंचने में तीन घंटे लग गए। पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवाया। अधिकारियों के इस रवैये पर पार्षद समेत अन्य लोगों ने नाराजगी जताई।
नगर निगम व विद्युत निगम के खिलाफ की नारेबाजी
हर्ष पांडेय की मौत पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। लोगों ने नगर निगम व विद्युत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बताया कि विद्युत निगम से तार बदलने के लिए कई बार लिखित शिकायत की गई। बावजूद इसके समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके चलते यह घटना हुई। लोगों ने बताया कि इलाके में जलनिकासी की भी कोई सुविधा नहीं है। महीने भर से कॉलोनी में घुटनों तक पानी भरा हुआ है जिसके चलते आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। लतीफनगर गेट से हनुमंत नगर कॉलोनी तक लगभग एक किलोमीटर घुटनों तक जलभराव की समस्या बनी हुई है।
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। दोपहर तीन बजे से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग में था इसलिए घटना की जानकारी नहीं हो पाई। निगम की लापरवाही से अगर घटना हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। साथ ही पीड़ित परिजनों को पांच लाख का मुआवजा भी दिलवाया जाएगा।
प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के बालाजी ने बताया कि घटना जानकारी में नहीं है। इसकी रिपोर्ट मंगवाते हैं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम व विद्युत निगम के खिलाफ की नारेबाजी
हर्ष पांडेय की मौत पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। लोगों ने नगर निगम व विद्युत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बताया कि विद्युत निगम से तार बदलने के लिए कई बार लिखित शिकायत की गई। बावजूद इसके समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके चलते यह घटना हुई। लोगों ने बताया कि इलाके में जलनिकासी की भी कोई सुविधा नहीं है। महीने भर से कॉलोनी में घुटनों तक पानी भरा हुआ है जिसके चलते आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। लतीफनगर गेट से हनुमंत नगर कॉलोनी तक लगभग एक किलोमीटर घुटनों तक जलभराव की समस्या बनी हुई है।
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। दोपहर तीन बजे से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग में था इसलिए घटना की जानकारी नहीं हो पाई। निगम की लापरवाही से अगर घटना हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। साथ ही पीड़ित परिजनों को पांच लाख का मुआवजा भी दिलवाया जाएगा।
प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के बालाजी ने बताया कि घटना जानकारी में नहीं है। इसकी रिपोर्ट मंगवाते हैं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।