मजदूरों ने बढ़ाई विमान कंपनियों की कमाई, गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जाने वालों संख्या हुई दोगुनी
- हैदराबाद-दिल्ली और मुंबई की कंपनियां फ्लाइट से वापस बुला रहीं मजदूर
- हैदराबाद की फ्लाइट में आधे से अधिक सीटें मजदूरों के लिए हो रही हैं बुक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संक्रमण कॉल में गोरखपुर से हो रही उड़ान से विमान कंपनियों को जो आय हो रही है उसमें जिले के मजदूरों का भी अहम योगदान है। हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई की तमाम कंपनियां अपने पुराने कर्मचारियों-मजदूरों को अपने खर्च से विमान का टिकट भेज वापस बुला रही हैं।
वहीं ट्रेनों की संख्या कम होने की वजह से कई मजदू अपनी जमा पूंजी या फिर कर्ज आदि लेकर विमान से वापस लौट रहे हैं। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक हैदराबाद की दो फ्लाइटों में तो आधे से ज्यादा मजदूर ही सफर कर रहे हैं। इनमें एक सीधी उड़ान है तो दूसरी दिल्ली होते हुए हैदराबाद तक का सफर तय करती है।
मजदूरों की ही वजह से एक महीनें में गोरखपुर से हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई के लिए सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़कर दो गुना हो गई है। पांच, छह जुलाई तक जहां गोरखपुर से जाने वाले यात्रियों की संख्या महज 300 से 500 के बीच हुआ करती थी वह लगातार बढ़ते हुए अब एक हजार के करीब हो गई है।
बाहर जाने वालों की बढ़ी संख्या
यही नहीं लॉकडाउन के बीच 20 अप्रैल से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की उड़ान शुरू हुई। धीरे-धीरे दिल्ली की चार फ्लाइटें हो गईं। प्रयागराज, कोलकाता के लिए भी उड़ान शुरू हो गई। तब से लगातार करीब ढाई महीने तक दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद आदि शहरों से आने वाली फ्लाइटों में यात्रियों की संख्या गोरखपुर से जाने वालों की तुलना में अधिक रह रही थी। मगर जुलाई के पहले सप्ताह से यहां से जाने वाले यात्रियों की संख्या, आने वालों की तुलना में बढ़ गई है।
पिपराइच के जियाउल हैदराबाद की एक फर्नीचर कंपनी में पिछले सात-आठ साल से काम करते हैं। जियाउल कहते हैं कि कंपनी की तरफ से उन्हें लगातार काम पर वापस बुलाया जा रहा था। जब उन्होंने ट्रेन की दिक्कत बताई तो कंपनी की तरफ से एयर टिकट भेज दिया गया। चार दिन बाद उनकी फ्लाइट है।
पिपरौली के विनोद प्रजापति का कहना है कि उनके छोटे भाई राघवेंद्र, मुंबई के कल्याण में स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री में दर्जी का काम करते हैं। लॉकडाउन में घर लौट आए थे। कंपनी ने उन्हें अपने खर्च पर पिछले सप्ताह विमान से मुंबई बुलाया।