{"_id":"5eb7a996c6eaf96fef1a8ad1","slug":"migrant-labour-reach-home-by-train-and-quarantine-at-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lockdown 3.0: गुजरात से ट्रेन का किराया देकर घर पहुंचा मजदूर, कहा- स्कूल में रहूंगा क्वारंटीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lockdown 3.0: गुजरात से ट्रेन का किराया देकर घर पहुंचा मजदूर, कहा- स्कूल में रहूंगा क्वारंटीन
Sun, 10 May 2020 12:43 PM IST
vivek shukla
टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 10 May 2020 12:43 PM IST
विज्ञापन
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर जिले के गगहा ब्लाक के एक गांव के युवा गुजरात के बड़ोदरा शहर में एक फैक्ट्री में काम करता था। कोरोना महामारी के बीच जब प्रदेश सरकार ने अपने लोगों को बुलाने का फैसला किया तो इन युवाओं ने भी वहां के कलेक्ट्रेट ऑफिस में गोरखपुर आने के लिए आवेदन किया।
विज्ञापन
आवेदन के साथ ही इनसे 700 रुपये टिकट के लिए लिया गया। ठीक दूसरे दिन इन्हें सूचना दी गई कि उनके जाने की तिथि निर्धारित हो गई है। तय समय के अनुसार युवक को बस से रेलवे स्टेशन लाया गया और पुलिस के कड़े पहरे में उसे ट्रेन पर बैठाया गया।
विज्ञापन
उसी दौरान उन्हें टिकट भी दिया गया, बड़ोदरा से 1200 सौ लोगों को लेकर ट्रेन इलाहाबाद पहुंची। यहां से अलग-अलग शहर के लोगों को बस से उनके घर छोड़ा गया। गोरखपुर से ही युवक को दूसरी बस में बैठाकर हाटा बाजार उतारा गया।
विज्ञापन
वहीं गोरखपुर में कोरोना लक्षण दिखने पर ही लोगों को क्वारंटीन कराया जा रहा है, नहीं तो उन्हें घर भेज दिया जा रहा है। वहीं युवक का भी जांच में कोरोना का कोई लक्षण नजर नहीं आया। लेकिन युवक घर जाने की बजाय गांव के प्राथमिक विद्यालय पर क्वारंटीन होने पहुंच गया। युवक ने बताया कि बड़ोदरा से चलने से पहले उनकी मेडिकल जांच की गई, उसके बाद उन्हें आने की इजाजत मिली।
उसने बताया कि मेरा घर इतना बड़ा नहीं है कि उसमें मैं अलग से क्वारंटीन हो सकूं, ऐसे में मैंनें यहां प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन में रहूंगा। वहीं ग्राम प्रधान ने भी उसकी मजबूरी को समझते हुए उसके रहने की उचित व्यवस्था की है।