गोरखपुर: पुलिस दे रही जांच का भरोसा, लेकिन नहीं दर्ज कर रही केस
सहारा इस्टेट में हत्या कर व्यापारी के शव को फंदे से लटकाने का मामला, दम घुटने से मौत की पुष्टि, तहरीर देने को शुक्रवार को भी पहुंचे थे परिजन।
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गोरखपुर जिले के खोराबार थाना क्षेत्र के सहारा इस्टेट फेज 4 के गांधार कॉलोनी में 24 फरवरी को पंखे से लटकी मिली व्यापारी अमन प्रताप सिंह (23) की हत्या में केस तक नहीं दर्ज हो पाया है। जबकि, पोस्टमार्टम से हत्या की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस चुनावी ड्यूटी का हवाला देकर मामले को टाल रही है। शुक्रवार को मृतक का भाई मनीष सिंह फिर थाने पहुंचा था, लेकिन न तो तहरीर ली गई और न ही केस दर्ज हो सका है।
जानकारी के मुताबिक, गगहा के मझगांवा के मूल निवासी रविंद्र प्रताप सिंह के छोटे पुत्र अमन प्रताप सिंह गांधार के एक मकान में दूसरी मंजिल पर किराए का कमरा लेकर अकेले रहते थे। वह तारामंडल के जीडीए कांप्लेक्स में रेडीमेड कपड़े की दुकान चलाते थे। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी।
24 फरवरी की सुबह आसपास के लोगों ने पंखे से लटकते शव की सूचना खोराबार पुलिस को दी। पुलिस ने भगत चौराहा निवासी अमन के रिश्तेदार व बेलीपार के भौवापार निवासी अमन के जीजा रणधीर सिंह को दी थी। बाद में पोस्टमार्टम से गला दबाकर मौत की पुष्टि हुई थी। इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता ने पहले ही जता दी थी हत्या की आशंका
पुलिस को रणधीर सिंह ने बताया कि कमरा खुला हुआ था। कमरे के अंदर पंखे से केबिल के सहारे शव लटक रहा था और पैर जमीन पर सटा हुआ था, उसका मुंह भी बंद था। आमतौर पर खुदकुशी के मामलों में ऐसा नहीं होता है। मुंह खुल जाता है और जीभ बाहर आ ही जाती है। एक युवक पर उनका आरोप भी है, जिसने कमरा खुद खोला था और इसकी जानकारी किसी को नहीं दी थी।
मृतक के मोबाइल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस ने मृतक अमन प्रताप का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। पुलिस उसका सीडीआर निकलवा कर जांच शुरू कर दी थी, लेकिन अभी तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे ही कोई अहम सुराग हाथ लगेगा और मौत की वजह सामने आएगी।