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दवा व्यापारियों को राहत: लाइसेंस का आवेदन हुआ निरस्त तो नहीं भरना होगा दोबारा फॉर्म

Thu, 17 Dec 2020 10:47 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 17 Dec 2020 10:47 AM IST
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medicine dealers will not have to fill form again after license application is canceled
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
दवा व्यापारियों की सुविधा के लिए नए लाइसेंस के आवेदन, पुराने का नवीनीकरण, ब्लड बैंक के आवेदन के साथ ही थोक लाइसेंस के लिए शासन ने नए निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब आवेदन में खामी मिलने पर ड्रग इंस्पेक्टर निरस्त नहीं कर सकेंगे। ऐसे में व्यापारियों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। इस फैसले से दवा विक्रेता समिति ने खुशी जताई है।
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जानकारी के मुताबिक, अब तक खाद्य औषधि प्रशासन विभाग दवा व्यापारियों का शोषण लाइसेंस का आवेदन या फिर पुराने का नवीनीकरण करने के नाम पर करता था। व्यापारी को नए लाइसेंस के लिए आवेदन करना पड़ता है। साथ ही पुराने लाइसेंस का हर पांच साल पर नवीनीकरण करना पड़ता था। जिले में सात हजार से अधिक दवा व्यापारी हैं। इसकी वजह से हर साल करीब 1200 से 1500 दवा व्यापारियों का नवीनीकरण होता है।
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हर साल 400 से 500 नए लाइसेंस भी बनते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं। इसके लिए तीन हजार रुपये चालान फीस है। आवेदन के दौरान विभाग कोई खामी दिखाकर आवेदन निरस्त कर देता था। लेकिन अब सरकार के नए फैसले से विभाग आवेदन निरस्त नहीं कर सकता है। खामियां बताकर उसे सही करने को कह सकता हैं।  
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नहीं बदलेगा आईडी व पासवर्ड

नए नियम के तहत अब लाइसेंस के आवेदन को निरस्त करने के नियम हटा दिए हैं। अब ड्रग इंस्पेक्टर उस पर आपत्ति लगा सकेंगे। ऐसे में व्यापारी को बार-बार चालान जमा नहीं करना पड़ेगा। पहली बार जमा चालान के आईडी व पासवर्ड पर ही वह खामियों को दूर कर वही आवेदन आगे बढ़ा देंगे।
 
दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि दवा के लाइसेंस के आवेदन या नवीनीकरण में नियम बेहद जटिल है। इसका फायदा ड्रग इंस्पेक्टर उठाते थे। मामूली खामी निकालकर आवेदन निरस्त कर देते। इसके बाद व्यापारी को दोबारा प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ती थी। इसमें 20 से 25 दिन का समय लगता। इसके अलावा दोबारा चालान की रकम जमा करनी पड़ती थी।
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