कोरोना से न डरें न डराएं, सिर्फ सतर्क रहें, मास्टर ट्रेनर बताएंगे बचाव के तरीके
- मंडल के चारों जिलों के 10-10 मास्टर ट्रेनर को दिया गया प्रशिक्षण
- ये मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में सभी वर्गों के लोगों को देंगे प्रशिक्षण
- प्रशासन ने कोरोना संकट के बीच ही जिंदगी को भी गति देने की शुरू की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संकट के बीच ही आम लोगों की जिंदगी को भी गति देने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बुधवार को मंडल के सभी जिलों गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज के 10-10 मास्टर ट्रेनरों को एनेक्सी भवन सभागार में ट्रेनिंग दी गई।
ये मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में जाकर सड़क किनारे दुकान लगाने वालों से लेकर शिक्षकों समेत सभी वर्गों के लोगों को यह बताएंगे कि वे घर से लेकर अपने कार्यक्षेत्र में क्या-क्या सावधानी बरतकर न केवल कोरोना से बच सकेंगे, बल्कि अपने जरूरी कार्यों को भी अंजाम दे सकेंगे। इस मौके पर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि कोरोना वायरस एक वैश्विक महामारी है। बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 से न डरें, न किसी को डराएं, सिर्फ सतर्क रहें और दूसरों को भी सतर्क करें। हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा, तभी कोरोना की जंग को जीता जा सकता है। मास्क पहनना बहुत जरूरी है। साथ ही स्वच्छता, सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान देना होगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने मास्क के इस्तेमाल के बारे में बताते हुए कहा कि घर से निकलते समय एवं कार्य करते समय 3 लेयर मास्क अथवा तीन तह गमछे का प्रयोग करें। आंख, नाक एवं मुंह को न छुएं। खांसते या छींकते समय मुंह एवं नाक को रूमाल अथवा टिशु पेपर से ढकें।
अपने हाथों को साबुन से 40 सेकेंड तक धोएं या सैनिटाइज करें। उन्होंने हाथ धोने के तरीके के संबंध में बताया कि साबुन लेकर दोनों हथेलियों की सफाई करें। अंगुलियों के बीच में और पीछे भी सफाई करें। अंगूठे के सतह तथा नाखूनों को भी साफ करें।
सीडीओ हर्षिता माथुर ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में जाकर कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम संबंधी जानकारी सभी को दें।
गर्म पानी पीएं, 30 मिनट करें योगासन: डीएम
डीएम ने आयुष मंत्रालय के महत्वपूर्ण सुझावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे दिन गर्म पानी पीएं। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन बनाने में प्रयोग करें। प्रतिदिन 10 ग्राम च्यवनप्राश का सेवन करें, गर्म दूध 150 मिली में आधा चम्मच हल्दी डालकर पीएं।
कमिश्नर की पहल पर तैयार हुआ प्रशिक्षण मॉड्यूल
पेशे के हिसाब से समाज के अलग-अलग वर्गों का चयन, विषय सामग्री समेत प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा स्वरूप तैयार करने के लिए कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने सीडीओ हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।