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Vivah Panchami: शुभ योग में आज मनेगी विवाह पंचमी, जानिए क्या है महत्व
Mon, 28 Nov 2022 09:54 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 28 Nov 2022 09:54 AM IST
सार
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, भगवान राम और सीता का विवाह मार्गशीर्ष मास की पंचमी तिथि को हुआ था । इस दिन बड़ी संख्या में लोग विवाह का दिन निर्धारित करते हैं। इस दिन संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ करने से पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।
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विवाह
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
विवाह पंचमी सोमवार को मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की पंचमी को ही भगवान राम और माता सीता को विवाह हुआ था। ऐसे में इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से सीताराम विवाह का आयोजन करेंगे।
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वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, इस दिन शनिवार को शुक्ल पंचमी तिथि का मान शाम छह बजकर आठ मिनट तक है। वहीं उत्तराषाढ़ नक्षत्र दिन में तीन बजकर 20 मिनट तक, पश्चात श्रवण नक्षत्र है। अर्धरात्रि तक वृद्धि नामक शुभ योग भी विद्यमान है।
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विवाह पंचमी का महत्व
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, भगवान राम और सीता का विवाह मार्गशीर्ष मास की पंचमी तिथि को हुआ था । इस दिन बड़ी संख्या में लोग विवाह का दिन निर्धारित करते हैं। इस दिन संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ करने से पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।
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ऐसे करें भगवान राम और सीता का विवाह
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अुनसार, विवाह पंचमी के दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद राम विवाह का संकल्प लें और श्रीराम और सीता की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें। मूर्ति स्थापना के बाद भगवान राम को पीले वस्त्र और माता सीता को लाल वस्त्र अर्पित करें फिर भगवान राम और सीता का गठबंधन करें। इसके बाद विधि-विधान से भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना करें। अंत में आरती के बाद प्रसाद का वितरण करें।