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गोरखपुर: घासीकटरा में समस्याएं कई, सुनने वाला नहीं कोई
Mon, 17 Oct 2022 01:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 17 Oct 2022 01:20 PM IST
सार
इलाके में नियमित सफाई नहीं होती। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं कराया जाता। इलाके में बुखार का प्रकोप है। कई लोग इससे प्रभावित हैं। करीब चार दिन पहले बुखार से एक व्यापारी परिवार में पहले बहू फिर उसी दिन सास की मौत हो चुकी है।
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घासीकटरा में परेशान हो रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सड़कों पर बिखरी गंदगी, कूड़े से पटी नालियां, टूटी सड़कें और जलभराव से घासीकटरा में रहने वाले लोग परेशान हैं। नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूर स्थित इस इलाके में कूड़े का नियमित उठान भी नहीं होता। हवा चलने पर कूड़ा इधर-उधर फैलता है।
क्षेत्र में सफाई की सच्चाई यह है कि गंदगी और बदबू की वजह से पास से गुजरने वालों को नाक पर रुमाल रखना पड़ता है। कई दफा लोगों ने जिम्मेदारों से शिकायत की मगर नतीजा सिफर रहा है।
इलाके की कुछ सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। यही वजह है कि बारिश होने पर घासीकटरा चौराहे से दक्षिण कुछ दूर आगे घुटने भर पानी लग जाता है। घरों में भी पानी प्रवेश कर जाता है। हाल के दिनों में ऐसा नजारा अक्सर देखने को मिला।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्गा मंदिर के बगल की गली वाली सड़क जर्जर हो चुकी है। इसके लिए कई बार आवाज उठाई गई लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
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क्षेत्र में सफाई की सच्चाई यह है कि गंदगी और बदबू की वजह से पास से गुजरने वालों को नाक पर रुमाल रखना पड़ता है। कई दफा लोगों ने जिम्मेदारों से शिकायत की मगर नतीजा सिफर रहा है।
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इलाके की कुछ सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। यही वजह है कि बारिश होने पर घासीकटरा चौराहे से दक्षिण कुछ दूर आगे घुटने भर पानी लग जाता है। घरों में भी पानी प्रवेश कर जाता है। हाल के दिनों में ऐसा नजारा अक्सर देखने को मिला।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्गा मंदिर के बगल की गली वाली सड़क जर्जर हो चुकी है। इसके लिए कई बार आवाज उठाई गई लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
मोहल्ले में बुखार का प्रकोप, बहू व सास की हो चुकी है मौत
इलाके में नियमित सफाई नहीं होती। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं कराया जाता। इलाके में बुखार का प्रकोप है। कई लोग इससे प्रभावित हैं। करीब चार दिन पहले बुखार से एक व्यापारी परिवार में पहले बहू फिर उसी दिन सास की मौत हो चुकी है। मुहल्ले के लोगों का कहना है कि डेंगू का प्रकोप है, हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छुट्टा पशुओं से तंग आ चुके हैं लोग
घासीकटरा चौराहा और उसके आसपास की सड़कों पर छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी देखी जा सकती है। रात में तो पूरी सड़क पर इनका कब्जा रहता है जिससे चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो जाता है। इन्हें पकड़ने के लिए यहां नगर निगम की ओर से अभियान भी नहीं चलता।
ये बोले स्थानीय लोग
कई दिन बीत जाते हैं कूड़ा नहीं उठता। हमारे क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होती है। सफाई कर्मचारी आते हैं और खानापूरी करके चले जाते हैं। गंदगी विभिन्न प्रकार के बीमारियों को जन्म देती हैं।- ममता गुप्ता, घासीकटरा
बदलते मौसम के साथ डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आए दिन डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। नगर निगम की ओर से आम नागरिकों की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव होना जरूरी है।- दीपक अग्रहरि, घासीकटरा
बारिश में हफ्तों तक जलभराव रहता है। राहगीरों को आने जाने और बच्चों को स्कूल जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारों को पहल करने की जरूरत है।-मोहम्मद आसिफ, घासीकटरा
टूटी सड़कों पर चलने में दिक्कत होती है। कई बार ऐसी स्थिति आती है कि बारिश में पानी लगने से वाहन चालक को गड्ढों का अंदाजा नहीं लगता जिससे वह गिरकर चोटिल हो जाते हैं। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।- ज्योति साहनी, साहबगंज
छुट्टा पशुओं से तंग आ चुके हैं लोग
घासीकटरा चौराहा और उसके आसपास की सड़कों पर छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी देखी जा सकती है। रात में तो पूरी सड़क पर इनका कब्जा रहता है जिससे चार पहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो जाता है। इन्हें पकड़ने के लिए यहां नगर निगम की ओर से अभियान भी नहीं चलता।
ये बोले स्थानीय लोग
कई दिन बीत जाते हैं कूड़ा नहीं उठता। हमारे क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होती है। सफाई कर्मचारी आते हैं और खानापूरी करके चले जाते हैं। गंदगी विभिन्न प्रकार के बीमारियों को जन्म देती हैं।- ममता गुप्ता, घासीकटरा
बदलते मौसम के साथ डेंगू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आए दिन डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। नगर निगम की ओर से आम नागरिकों की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव होना जरूरी है।- दीपक अग्रहरि, घासीकटरा
बारिश में हफ्तों तक जलभराव रहता है। राहगीरों को आने जाने और बच्चों को स्कूल जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारों को पहल करने की जरूरत है।-मोहम्मद आसिफ, घासीकटरा
टूटी सड़कों पर चलने में दिक्कत होती है। कई बार ऐसी स्थिति आती है कि बारिश में पानी लगने से वाहन चालक को गड्ढों का अंदाजा नहीं लगता जिससे वह गिरकर चोटिल हो जाते हैं। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।- ज्योति साहनी, साहबगंज