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महराजगंज: बांस- बल्ली के सहारे लटक रहा था बिजली का तार, पोल लगाने में लोगों को खर्च करने पड़े नौ हजार
Mon, 31 Aug 2020 03:47 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 31 Aug 2020 03:47 PM IST
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बिजली का पोल लगवाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के राजीव नगर मोहल्ले में लटकते बिजली के तार की समस्याओं से जूझने वाले नागरिकों ने स्वयं ही प्रयास किया। नगरपालिका ने बिजली के तार के लिए पोल तो दे दिया। लेकिन उसे लगवाने में रूचि नहीं ली। जिससे मोहल्ले के लोगों को नौ हजार खर्च कर करके पोल लगवाना पड़ा। लोगों ने कहा कि नगर पालिका द्वारा नगर में बेहतर सुविधा देने का दावा फेल हो चुका है। यहां तो स्वयं ही खर्च कर लोगों ने समस्या को दूर कर लिया।
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राजीव नगर मोहल्ले के रहने वाले विजय जायसवाल ने बताया कि दर्जन भर से अधिक घरो में बास बल्ली के सहारे केबिल दौड़ाया गया था। केबिल जमीन को स्पर्श करते हुए घरों तक पहुंचा था। कहीं- कहीं केबिल कटा भी था। जिससे हादसा होने का डर लगा रहता था। लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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नगर पालिका में सपंर्क करने पर किसी तरह पोल का इंतजाम हुआ। लेकिन लगवाने की कोई व्यवस्था नहीं हुई। ऐसे में मोहल्ले के लोगों से करीब नौ हजार रुपये चंदा एकत्र कर ठेकेदार से पोल लगवाया गया। राम सवारे ने बताया कि प्रत्येक घर से एक- एक हजार रुपये चंदा एकत्र कर किसी तरह पोल एवं केबिल को उसपर बंधवाया गया। लेकिन नगर पालिका का कोई कर्मी यहां नहीं आया। लोगों की समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं है।
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शिक्षक पवन सिंह ने बताया कि बांस बल्ली पर केबिल रहने से अक्सर बिजली गुल हो जाती थी। तार कई जगह कटे हुए थे। जिससे दुर्घटना की आशंका प्रबल थी। अब पोल लग जाने से समस्या दूर हो गई है। दुर्गा शंकर पांडेय ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन की ओर से बेहतर सुविधा देने के झूठे वादे किए जाते हैं। जब स्वयं ही खर्च कर पोल लगवाना है तो नगर पालिका का दायित्व क्या है। यह समझ में नहीं आ रहा है।
वहीं नाथू गुप्ता ने बताया कि झुलते हुए तारों को देखकर डर लगा रहता था। क्योंकि बच्चे खाली जगह पर खेलते थे। वहीं तार गिरा रहता था। पोल लगाने के लिए लोगों ने चंदा एकत्र किया तब जाकर पोल लग पाया।
पोल की व्यवस्था की गई थी, लग भी जाता: डॉ. सिद्धार्थ
राजीव नगर के सभासद डॉ. सिद्धार्थनाथ शुक्ल ने कहा कि पोल की व्यवस्था की गई थी। चार पोल लगा है। उसे लगवाने की व्यवस्था भी की जा रही थी। लेकिन कुछ लोगों ने जल्दबाजी कर दी। मोहल्ले में समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव कोशिश की जाती है। पोल लगाने के लिए किसने रुपये लिया है, इसके बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।