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नेपाल में भारतीय न्यूज चैनल बंद होने से मधेशियों में आक्रोश, कहा- 'नहीं होनी चाहिए गोरखा भर्ती'

Fri, 10 Jul 2020 02:59 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Fri, 10 Jul 2020 02:59 PM IST
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Madheshi outraged by the closure of Indian news channel in Nepal
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय प्राइवेट न्यूज चैनलों के नेपाल में प्रसारण पर रोक लगा दी गई है। 12 घंटे के बाद भी प्रसारण सेवा शुरू नहीं होने से नेपाल में मधेशी समुदाय नाराज है। मधेशी नेताओं ने कहा कि नेपाल सरकार हमेशा मधेशियों के साथ सौतेला व्यवहार करती है। अगर सरकार को भारत से इतनी ही नाराजगी है तो गोरखा भर्ती भी बंद कर देनी चाहिए।

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राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी रूपनदेही जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि नेपाल सरकार मधेशी मूल के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार शुरू से करती आई है। जबकि उन्हें मालूम है कि नेपाली मदेशी समुदाय हिंदी चैनल ही देखना पसंद करता है। फिर ऐसा क्यों किया जा रहा है। यह समझ से परे है।
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मर्चवार क्षेत्र के वरिष्ठ नेता इस्लाम खान ने बताया कि नेपाल सरकार अब निचले स्तर पर गिर चुकी है। अगर भारत से इतना ही परेशानी है तो गोरखा भर्ती बंद करते हुए नेपाल के लोगों को भारत जाने पर रोक लगा दी जानी चाहिए।
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टीवी स्क्रीन पर भारतीय चैनल बंद होने की सूचना प्रसाारित

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता महेंद्र यादव ने कहा कि जब भी कोई समाचार चैनल खबर प्रसारण करता है तो उसमें सत्यता होती है। चाहे वह नेपाल का हो या कोई विदेशी मीडिया, सरकार तानाशाही पर उतर आई है। अगर ऐसा ही रहा तो नेपाली न्यूज चैनलों पर सरकार प्रतिबंध लगा सकती है।

शुक्रवार दोपहर तक भारतीय न्यूज चैनलों का नेपाल की डिटीएच पर प्रसारण नहीं शुरू हुआ है। जिसको लेकर सरहद से सटे नेपाली सीमा बेलहिया में भारतीय मूल के नेपाली लोगों ने प्रसारण बंद किए जाने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। कृष्णा मोहन, सुरेंद्र जायसवाल, बृजेश कुमार, संदीप यादव, कुतुबुद्दीन ने बताया कि घर पर बच्चे हिंदी चैनल ही पसंद करते हैं। लेकिन टीवी पर एक मैसेज आ रहा है कि हिंदी चैनल बंद कर दिया गया है। अब भारतीय डिटीएच लगवाया जाएगा।

उधर, सोनौली कस्बे के प्रेम जायसवाल, सुदर्शन कुमार, प्रदीप कुमार, हरिश्चन्द्र आदि ने बताया कि नेपाल में भारत के डीटीएच के मुकाबले नेपाल में चैनलों की संख्या दोगुनी है और किराया भी आधा है। इसलिए सोनौली के बहुत से लोग नेपाल के प्रसारण से हिंदी चैनलों को देखते हैं। उधर, नेपाल इंटरनेट तथा डिजिटल टीवी समन्वय समिति ने अपने उपभोक्ताओं को टीवी स्क्रीन पर विदेशी चैनल बंद करने की सूचना देकर प्रसारण रोक दिया है।
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