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बीएड संयुक्त प्रवेश 2020 का मामला: लखनऊ विवि ने 44 महाविद्यालयों के खाते में भेज दिए छह करोड़ ज्यादा

Thu, 15 Apr 2021 01:08 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 15 Apr 2021 01:08 PM IST
सार

सभी महाविद्यालय गोरखपुर विश्वविद्यालय व सिद्धार्थनगर विवि से संबद्ध हैं। विवि द्वारा रकम लौटाने की नोटिस के बाद भी किसी ने रकम वापसी की रुचि नहीं ली।

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Lucknow University sent six crores more to account of 44 colleges in DDU and siddharth nagar university
लखनऊ विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा- 2020 में 50 से ज्यादा महाविद्यालयों का करीब छह करोड़ रुपये प्रवेश शुल्क दूसरे महाविद्यालयों के खाते में भेज दिया गया है। ये महाविद्यालय दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय व सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। यह लापरवाही सामने आने पर हड़कंप मच गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने ऐसे 44 महाविद्यालयों से जहां अधिक धनराशि भेजी गई है, शुल्क वापस करने के लिए कहा है। करीब 20 दिन बीत गए हैं अभी तक किसी महाविद्यालय ने रकम नहीं लौटाई है।
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दरअसल, बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का नोडल लखनऊ विश्वविद्यालय को बनाया गया था। पूरे प्रदेश से अभ्यर्थियों ने परीक्षा फार्म भरे और राज्य स्तरीय काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेश शुल्क 51250 रुपये लखनऊ विश्वविद्यालय में जमा कर दिया।
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मार्च के अंतिम सप्ताह में लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से महाविद्यालयों को धनराशि भेजी गई, लेकिन गोरखपुर विश्वविद्यालय और सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय के 22-22 महाविद्यालयों में ज्यादा प्रवेश शुल्क भेज दिया गया। गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में करीब 3.70 करोड़ और सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय से जुड़े 22 महाविद्यालयों में करीब 2.5 करोड़ ज्यादा धनराशि भेजी गई है।
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जिन महाविद्यालयों के खाते में रकम नहीं पहुंची है, वहां का प्रबंधन परेशान है। कई महाविद्यालयों में शिक्षक, कर्मचारियों को वेतन देने के लिए धन भी नहीं है। इस संबंध में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव और वित्त नियंत्रक का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। जब भी उनका पक्ष आएगा प्रकाशित किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।

गोविवि के इन महाविद्यालयों के खाते में पहुंची ज्यादा रकम

  1. बीआरडी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज देवरिया
  2. बहादुर यादव मेमोरियल संतकोटार महाविद्यालय भटनी, देवरिया
  3. बुद्धा पीजी कॉलेज कुशीनगर
  4. दीप नरायरन डिग्री कॉलेज जगदीशपुर भलुआन
  5. डॉ राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय शाहपुर देवरिया
  6. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षा संकाय
  7. एमपी पीजी कॉलेज माओडीहा देवरिया
  8. इंदु देवी सूर्यनरायन वर्मा शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान कुशीनगर
  9. जवाहर लाल नेहरू संत कोठार महाविद्यालय बांसगांव गोरखपुर
  10. लगना देवी ताराकांत महाविद्यालय देवरिया
  11. लीलावती देवी महिला महाविद्यालय देवरिया
  12. मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज भाटपार रानी देवरिया
  13. महारानी लक्ष्मीबाई बालिका महाविद्यालय, रामपुर राजधानी गोरखपुर
  14. नाथ चंद्रावत महाविद्यालय जगदीशपुर गोरखपुर
  15. परमहंस बाबू जी गर्ल्स एजुकेशन इंस्टीट्यूट देवरिया
  16. राजेंद्र बाबू महाविद्यालय देवरिया
  17. राम अधार सिंह महाविद्यालय खजनी गोरखपुर
  18. रामचंद्र उपाध्याय महाविद्यालय भाटपाररानी देवरिया
  19. रमेश चंद्र राव नवटापी महाविद्यालय देवरिया
  20. श्री रायनाथ बह्मदेव डिग्री कॉलेज, सलेमपुर
  21. सिद्धेश्वर शीतलदेव नरायन महाविद्यालय भटनी
  22. सिद्दीक अहमद पीजी कॉलेज देवरिया

महामंत्री स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा डॉ. सुधीर कुमार राय ने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय की लापरवाही के परिणामस्वरूप पूर्वांचल के महाविद्यालयों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। कोविड काल में अभी तक बहुत से महाविद्यालयों को बीएड प्रवेश शुल्क की राशि नहीं मिली है। अपनी गलती सुधारकर विश्वविद्यालय तत्काल धनराशि वापस कराए।
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