{"_id":"63c6629c9173f0178f18aaff","slug":"lot-of-violation-of-traffic-rules-in-gorakhpur-2023-01-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यातायात नियमों का उल्लंघन: गोरखपुर वासियों ने ठाना, जुर्माना भरेंगे, लेकिन नियम नहीं मानेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यातायात नियमों का उल्लंघन: गोरखपुर वासियों ने ठाना, जुर्माना भरेंगे, लेकिन नियम नहीं मानेंगे
Tue, 17 Jan 2023 02:47 PM IST
vivek shukla
शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 17 Jan 2023 02:47 PM IST
सार
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि नियम तोड़ने के मामलों में जुर्माना कर शमन शुल्क वसूला गया है। कोशिश होती है कि लोग यातायात नियमों का पालन करें। इसका असर हुआ है। हेलमेट लगाने वालों की संख्या बढ़ी है। अब हेलमेट न लगाने की लापरवाही में कम लोग पकड़े जा रहे हैं।
विज्ञापन
गोरखपुर शहर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में यातायात नियमों का पालन कर हादसे और उसमें जान गंवाने से बचा जा सकता है, यह जानते तो सब हैं, लेकिन इस पर अमल करने वाले कम हैं। यही वजह है कि स्टंट व रेड लाइट जंप करने और मोबाइल फोन पर बात करने और बाइक पर तीन सवारी बैठाने आदि मामलों में लोगों ने खूब जुर्माना भरा है। वर्ष 2022 में 1.70 लाख लोगों का हेलमेट नहीं पहनने के कारण चालान किया गया है।
विज्ञापन
खुद की जान बचाने के लिए बेफिक्र लोगों पर सख्ती कर यातायात पुलिस उन्हें सुधारने की कोशिश में लगी है। हेलमेट, सीट बेल्ट के इस्तेमाल के लिए जागरूक करने के साथ जुर्माना भी किया जा रहा है। कोशिश है कि शायद इसी से लोग सुधर जाएं, लेकिन आंकड़ों को देखकर लगता नहीं है कि जुर्माने का कोई असर लोगों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
बीते वर्षों की तुलना में आंकड़े घटने की जगह बढ़ गए हैं। चाहे हेलमेट लगाने का मामला हो या यातायात सिग्नल के पालन का, सभी यातायात के नियमों को लोगों ने तोड़ा है और जुर्माना भरा है।
विज्ञापन
| प्रकार और वर्ष | चालान की संख्या | शमन शुल्क |
| हेलमेट (2019) | 29,512 | 77, 50,000 |
| सीट बेल्ट (2019) | 68,518 | 1,08,31,900 |
| मोबाइल इस्तेमाल (2019) | 2,210 | 49,10,500 |
| स्टंट (2019) | 07 |
| प्रकार और वर्ष | चालान की संख्या | शमन शुल्क |
| तीन सवारी (2019) | 4,812 | 15,10,500 |
| हेलमेट (2020) | 68,518 | 1,08,31,900 |
| सीट बेल्ट (2020) | 7,015 | 21,25,000 |
| मोबाइल इस्तेमाल (2020) | 3,615 | 16,35,000 |
| स्टंट (2020) | 09 |
| प्रकार और वर्ष | चालान की संख्या | शमन शुल्क |
| तीन सवारी (2020) | 5569 | 35,11,000 |
| हेलमेट (2021) | 57,545 | 60,55,000 |
| सीट बेल्ट (2021) | 6,112 | 4,85,500 |
| मोबाइल इस्तेमाल (2021) | 2,430 | 3,52,500 |
| स्टंट (2021) | 11 |
| प्रकार और वर्ष | चालान की संख्या | शमन शुल्क |
| तीन सवारी (2021) | 5,811 | 9,62,000 |
| हेलमेट (2022) | 1,69,756 | 1,58,39,500 |
| सीट बेल्ट (2022) | 10,916 | 20,46,000 |
| मोबाइल इस्तेमाल (2022) | 1,638 | 6,83,000 |
| स्टंट (2022) | 38 |
| प्रकार और वर्ष | चालान की संख्या | शमन शुल्क |
| तीन सवारी (2022) | 15,390 | 18,07,200 |
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि नियम तोड़ने के मामलों में जुर्माना कर शमन शुल्क वसूला गया है। कोशिश होती है कि लोग यातायात नियमों का पालन करें। इसका असर हुआ है। हेलमेट लगाने वालों की संख्या बढ़ी है। अब हेलमेट न लगाने की लापरवाही में कम लोग पकड़े जा रहे हैं।