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गोरखपुर: कलेक्ट्रेट में वादकारी की मौत, अधिवक्ताओं ने किया हंगामा, बोले- ठंड से हुई मौत
Thu, 06 Jan 2022 12:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 06 Jan 2022 12:48 PM IST
सार
मृतक भगवान सिंह जमीन बंटवारे से जुड़े मामले में कलेक्ट्रेट आए थे। उनकी मौत के बाद अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कलेक्ट्रेट परिसर में ठंड से बचाव के लिए अलाव आदि की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वादकारी की मौत हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले में जमीन बंटवारे के मामले में बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे चिलबिलवा के वादकारी भगवान सिंह (55) की मौत हो गई। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि मौत ठंड से हुई है जबकि प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत कैसे हुई।
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डीएम ने वादकारी के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। साथ ही उन्हें आर्थिक मदद के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है। उधर अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में ठंड से बचाव के लिए अलाव आदि की समुचित व्यवस्था नहीं होने के साथ ही एसडीएम सदर पर कोर्ट नहीं संचालित करने का आरोप लगाया।
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जानकारी के मुताबिक सुबह 10.30 चिलबिलवा के भगवान सिंह की कलेक्ट्रेट में अचानक तबीयत बिगड़ गई। वे जमीन पर गिर गए। सूचना पर पहुंचे डीएम ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजवाया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उधर अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी एवं महामंत्री योगेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि भगवान सिंह का जमीन बंटवारे को लेकर एसडीएम सदर के न्यायालय में मुकदमा चल रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में ही यदि समय से स्थगनादेश या कोई कार्रवाई होती तो उनकी जमीन पर कोई कब्जा करने का प्रयास नहीं करता। कब्जा रुकवाने के लिए ही वह सुबह कलेक्ट्रेट आए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एसडीएम सदर का तबादला नहीं किया गया तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। एसोसिएशन ने वादकारी के निधन पर शोकसभा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में भगवान सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही एंबुलेंस बुलाकर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था मगर रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने का इंतजार है। तभी मौत की वजह पता लग पाएगी। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। भगवान सिंह की तरफ से एसडीएम या मुझे कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया गया। फिर भी वह जिस समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट आए थे, उसकी जांच आदि के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।