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18 साल बाद सजा: अशोक पांडेय के हत्यारोपियों को आजीवन कारावास, ऐसे की गई थी हत्या
Wed, 09 Mar 2022 12:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 09 Mar 2022 12:27 PM IST
सार
वारदात के समय आक्रोशित भीड़ ने दो आरोपियों को घटना स्थल पर ही दबोच लिया था और पिटाई कर दी थी। भीड़ की पिटाई से एक आरोपी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गोरखपुर शहर के बर्फखाना तिराहे पर 18 साल पहले छात्रनेता व अधिवक्ता अशोक पांडेय की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है।
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अपर सत्र न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम भीटी खोरिया निवासी अभियुक्त इंद्रकेश पांडेय व मृत्युंजय पांडेय को आजीवन कारावास व प्रत्येक अभियुक्त को 30-30 हजार रुपये अर्थदंड का फैसला सुनाया है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्तों को तीन माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रद्धानंद पांडेय एवं नितिन मिश्र ने कोर्ट के समक्ष कहा कि वादी आलोक कुमार पांडेय उर्फ सोनू खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम भीटी खोरिया का निवासी है। वादी और उसके परिवार से अभियुक्तों की प्रधानी व चकरोड को लेकर पुरानी रंजिश चलती थी।
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छह जुलाई 2004 की रात लगभग आठ बजे वादी आलोक कुमार पांडेय के पिता अशोक कुमार पांडेय अपने गांव से स्कूटर से मोहल्ला हांसूपुर आ रहे थे। जैसे ही वे बर्फखाना तिराहे पर पहुंचे तभी वादी के गांव के शशिशेखर पांडेय, इंद्रकेश पांडेय, मृत्युंजय पांडेय व एक अज्ञात व्यक्ति दो बाइक से वहां पहुंचे और वादी के पिता को घेर लिया। जान से मारने की नियत से गोली मार दी। घायल अशोक पांडेय को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई थी।
आक्रोशित भीड़ ने की थी हत्यारोपियों की पिटाई
वारदात के समय आक्रोशित भीड़ ने दो आरोपियों को घटना स्थल पर ही दबोच लिया था और पिटाई कर दी थी। भीड़ की पिटाई से एक आरोपी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। दूसरे आरोपी शशिशेखर पांडेय की लखनऊ स्थित एक हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि दोष सिद्ध आरोपी खजनी थाने के हिस्ट्रीशीटर भी थे।