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गोरखपुर में चला बुलडोजर: 50 साल से कब्जे में थी करोड़ों की जमीन, नगर निगम ने कराई मुक्त

Thu, 25 Jan 2024 01:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Updated Thu, 25 Jan 2024 01:07 PM IST
सार

निगम के अनुसार इस जमीन की कीमत 100 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के दौरान काफी मात्रा में पुलिस बल के होने की वजह से प्रतिरोध करने वालों की नहीं चली। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह की अगुवाई में नगर निगम की टीम ने धवस्तीकरण की कार्रवाई की।

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Land worth Rs 100 crore was in possession for 50 years, corporation got it vacated
गोरखपुर में चला बुलडोजर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर के घोष कंपनी चौराहे के पास नगर निगम ने करीब 50 साल से अवैध कब्जे में 100 करोड़ रुपये की जमीन मुक्त करा ली। बुधवार को मौजा मेवातीपुर उर्फ चैनपुर, तप्पा कस्बा, परगना हवेली, तहसील सदर में स्थित स्थित आराजी संख्या-1, 2, 3, 4, 5, 6 रकबा 46 डिसमिल 9 कड़ी पर निगम का पोकलेन और बुलडोजर चला। कार्रवाई में 12 आवासीय परिसर और 31 व्यावसायिक दुकानें ध्वस्त की गईं।

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निगम के अनुसार इस जमीन की कीमत 100 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के दौरान काफी मात्रा में पुलिस बल के होने की वजह से प्रतिरोध करने वालों की नहीं चली। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह की अगुवाई में नगर निगम की टीम ने धवस्तीकरण की कार्रवाई की। शाम 4.50 बजे तक सभी निर्माण ध्वस्त कर मलबा भी उठाया जाने लगा। केवल मजार का भवन ही अवशेष रह गया था।
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जर्जर हो चुकी थीं 31 दुकानें
आराजी संख्या-1, 2, 3, 4, 5, 6 रकबा 46 डिसमिल 9 कड़ी जमीन सहन अस्तबल जम्मन 15 (2) मिनिबल बोर्ड खाता संख्या-3 में 12 आवासीय में 12 आवासीय एवं 31 व्यवसायिक दुकानें थीं। सभी पूरी तरह से ही जर्जर हो चुकीं थी। निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोगों को कभी भी जान माल का खतरा उठाना पड़ सकता था।

अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट पर नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 331(1) के अंतर्गत परिसर के आवासित दुकानों-मकानों से संबंधित व्यक्तियों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत कराते हुए 20 जनवरी को पुलिस बल की मांग की गई थी। निर्धारित तिथि बुधवार को पुलिस बल की मौजूदगी में धवस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।

 

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दो दिन हुई सार्वजनिक उद्घोषणा
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देश पर अधिशासी अभियंता ने जांच कर अपनी रिपोर्ट में बताया था कि घोष कंपनी के पास स्थित सहन अस्तबल के खाते में बनी दुकानें-आवास पूर्ण रूप से जर्जर हो चुकी हैं। कभी भी जानमाल का खतरा हो सकता है। इसलिए परिसर के सभी आवासों एवं दुकानों को जनहित में ध्वस्तीकरण किया जाना चाहिए।

31 अक्टूबर 2023, 30 नवंबर 2023 को नोटिस देकर निर्देश दिया गया कि दुकान एवं आवासों का स्वयं ध्वस्तीकरण करा लें, मगर उन लोगों ने बात नहीं मानी। 5 जनवरी को सार्वजनिक सूचना सहन व अस्तबल खाते की भूमि पर चस्पा कराया गया। 21 जनवरी, 22 जनवरी एवं 23 जनवरी को सुबह शाम सार्वजनिक उद्घोषणा कराया गया। उसके बाद लोगों ने कदम नहीं उठाया तो धवस्तीकरण की कार्रवाई हुई।

बनेगा शाॅपिंग कॉम्प्लेक्स
घोष कंपनी चौक पर बुधवार को खाली कराई गई 100 करोड़ की 46 डिसमिल से अधिक जमीन पर नगर निगम की मल्टीलेवल पार्किंग एवं शाॅपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है। इससे आम लोगों को जाम से भी निजात मिलेगी।
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