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महंगाई की मार: ईंट के दाम बढ़ेंगे, घर बनाना होगा महंगा

Sun, 01 May 2022 12:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 01 May 2022 12:06 PM IST
सार

छह प्रतिशत जीएसटी लगने से प्रति हजार ईंट एक हजार रुपये तक हो सकती है महंगी, अब तक ईंट भट्ठा संचालकों को मात्र एक प्रतिशत देना पड़ता था टैक्स।

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Labor Day Inflation will hit price of brick
मजदूर दिवस। - फोटो : आनंद चौधरी।

विस्तार

ईंट से आशियाना बनाना अब और महंगा होने वाला है। एक मई से नंबर एक की ईंट की कीमत प्रति हजार 350-500 रुपये तक बढ़ सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि एक नंबर की दो हजार ईंटों वाली एक ट्रैक्टर ट्राली, जो अभी 15 हजार रुपये में मिल रही है, उसकी कीमत 15,700 से 16 हजार रुपये तक हो सकती है।

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 दरअसल, सरकार ने ईंट-भट्ठा उद्योग पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की दर छह प्रतिशत तक बढ़ा दी है। इसकी वजह से अब ईंट खरीदने वालों को अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। अब तक ईंट भट्ठा संचालकों को मात्र एक प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था। छह प्रतिशत जीएसटी बढ़ने से मई माह से ईंट की खरीदारी करने पर प्रति हजार 700 से 1000 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं।
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ईंट-भट्ठा कारोबारियों ने इस संबंध में कवायद शुरू कर दी है। गोरखपुर के ईंट-भट्ठा कारोबारियों का कहना है कि तत्काल प्रभाव से कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, लेकिन मई माह से एक नंबर की ईंट में प्रति हजार 700 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। बता दें कि अधिकतर लोग एक नंबर ईंट से ही अपने मकान का निर्माण कराते हैं।
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वैट के सापेक्ष जीएसटी में कम मिल रहा था राजस्व
प्रदेश सरकार ने ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए समाधान योजना लागू की थी। ऐसे में मात्र एक प्रतिशत टैक्स चुकाना पड़ता था। सरकार ने जब इसकी पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि वैट की तुलना में जीएसटी में टैक्स का कलेक्शन कम हो रहा है। ऐसे में सरकार ने समाधान योजना को खत्म करने का निर्णय लिया।

इसके तहत प्रावधान किया गया है कि अब ईंट-भट्ठा कारोबारियों को छह या 12 प्रतिशत का टैक्स स्लैब चुनना होगा। ऐसे में एक प्रतिशत टैक्स चुकाने वाले को छह प्रतिशत और पांच प्रतिशत टैक्स चुकाने वाले को 12 प्रतिशत टैक्स चुनने का विकल्प दिया गया है। 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब चुनने वाले कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ मिलेगा।  

बोले ईंट-भट्ठा कारोबारी
ईंट कारोबारियों पर छह और 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब निर्धारित होने से निश्चित तौर पर ईंट की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। एक नंबर ईंट की कीमतों में प्रति हजार सात सौ से नौ सौ रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है। अगले माह से कीमतों में बढ़ोतरी संभव है।
- अर्जुन वालानी

ईंट भट्ठा कारोबारियों के सामने कई तरह की दिक्कतें हैं। एक तो वे कोयले की किल्लत से जूझ रहे हैं। अब जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। ऐसे में ईंट की कीमतों में भी बढ़ोतरी करना ईंट भट्ठा कारोबारियों के सामने मजबूरी होगी।
- संजय सिंह

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