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बीआरडी में लैब टेक्नीशियन हटाए गए, जांचें प्रभावित

Sat, 30 Oct 2021 02:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:48 AM IST
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Lab technician removed in BRD, investigation affected
बीआरडी में लैब टेक्नीशियन हटाए गए, जांचें प्रभावित
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात रहे 22 लैब टेक्नीशियनों को हटा दिए जाने से मरीजों की विभिन्न जांचें प्रभावित हो रही हैं। कोरोना की दूसरी लहर में बीआरडी में इन्हें नियुक्त किया गया था। इनके हटते ही कोरोना जांच प्रभावित हो रही है। पहले जहां औसतन 3500 से 4500 के बीच रोजाना जांचें हो रही थीं वहीं अब यह संख्या दो से ढाई हजार के आसपास सिमट गई है। बताया जा रहा है कि सेवा समाप्ति के बाद लैब टेक्नीशियन पूर्व में निकाले गए 350 कर्मियों के साथ जल्द ही डीएम से मुलाकात करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर में जब संक्रमितों की संख्या बढ़ी तो जांच का दायरा भी बढ़ाया गया। जांच का दायरा बढ़ा तो बीआरडी ने नए टेक्नीशियनों की तलाश शुरू की। इस बीच एक कार्यदायी संस्था की ओर से 26 अप्रैल 2021 को इनकी नियुक्ति आउसोर्सिंग के जरिये की गई। यह लोग तीन शिफ्टों में ड्यूटी करते हुए जांच करते रहे। इनकी बदौलत बीआरडी मेडिकल कॉलेज का माइक्रोबायोलॉजी विभाग संक्रमण के दौर में करीब आठ से 10 हजार के करीब प्रतिदिन जांच कर रहा था। संक्रमण कम हुआ तो करीब 3500 से 4500 के बीच जांच प्रतिदिन हो रही था। 25 अक्तूबर को सेवा समाप्ति के बाद जांच का दायरा दो से ढाई हजार के बीच तक जांचें सिमट गईं। यह जांच भी तीन शिफ्टों में हो रही है। सबसे दिक्कत तो जांच के बाद रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करने में आ रही है। कर्मचारी न होने की वजह से रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने में 24 से 48 घंटे का समय लग जा रहा है।
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350 कर्मचारी पहले ही निकाले जा चुके हैं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इससे पूर्व भी 350 आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारी निकाले जा चुके हैं। इन कर्मचारियों की नियुक्ति पहली लहर में छह माह के लिए की गई थी। इसके बाद इन्हें हटा दिया गया था। लेकिन जब दूसरी लहर आई तो इन्हें दोबारा नियुक्ति देते हुए कोविड वार्ड में ड्यूटी लगाई गई। इस बीच जब दूसरी लहर खत्म हुई तो फिर से इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद यह कर्मचारी कई बार आंदोलन किए और डीएम से मुलाकात करते हुए उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। लेकिन अब तक उन पर कोई फैसला नहीं हो सका है।
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कोरोना के साथ अन्य जांचें हो रहीं प्रभावित
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इनकी सेवा समाप्ति के बाद कोरोना के साथ अन्य जांचें भी प्रभावित हो रही हैं। इन जांचों में फंगस से लेकर कई महत्वपूर्ण रुटीन जांच भी शामिल हैं। इसके अलावा शासन की ओर से तय 5000 सैंपल की जांच में भी दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं।

शासन को इनकी नियुक्ति को लेकर पत्राचार किया गया है। शासन से मिले निर्देश के बाद आगे फैसला लिया जाएगा। त्योहार को देखते हुए आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने के निर्देश भी मिले हैं। ऐसी स्थिति में इनका काम करना जरूरी है।
-डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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