गोरखपुर। दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज के शिक्षक ने हर्बल सैनिटाइजर तैयार किया है। खास बात यह कि लॉक डाउन के चलते कॉलेज के कम्प्यूटर शिक्षक पवन कुमार पांडेय के घर पर ही लैब तैयार किया गया है। 50-50 एमएल का 500 शीशी तैयार कर लिया गया है जिसे कॉलेज द्वारा गोद लिए गए गांव जंगल रामपुर उर्फ़ रजहीं एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा। कॉलेज पहले से ही कोरोना संकट में लोगों की मदद कर रहा है। लॉकडाउन के प्रथम चरण में कॉलेज के शिक्षकों तथा कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में सहयोग दे कर अपनी सहभागिता दर्ज की गई। इसके बाद फ्री ऑनलाइन डिलीवरी की सुविधा एवं जरूरतमंदो को खाद्य सामग्री का वितरित किया गया। प्राचार्य डॉ शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब द्वितीय चरण में कॉलेज ने हर्बल सैनिटाइजर बनाने का निर्णय किया है। प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज के पूर्व छात्र डॉ संजय कुमार सिंह, निदेशक, निरोग प्राकृतिक चिकित्सालय एवं कॉलेज के शिक्षक डॉ पवन कुमार पाण्डेय ने हर्बल सैनिटाइजर बनाने का प्रस्ताव रखा। हर्बल सैनिटाइजर को बनाने के मानकों पर विशेष रूप से डॉ. डी.पी. सिंह, आयुर्वेदाचार्य महंत दिग्विजयनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय गोरखपुर, डॉ एन. पी सिंह (सचिव) तथा डॉ शिव कुमार शर्मा(अ.प्रा. सी.एम.ओ, जयपुर आयुर्वेदिक चिकित्सालय और डॉ सदानंद ,राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएफवाईपी नई दिल्ली से चर्चा की एवं सभी विशेषज्ञों ने सैनिटाइजर तैयार करने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने आयुर्वेदिक औषधीय तत्व से निर्मित हर्बल सैनिटाइज़र बनाने का तरीका बताया। इसके बाद मुख्य रूप से एथेनॉल ,एलोवेरा, नीम, तुलसी और गुलाबजल का इस्तेमाल किया गया। - इनका है सहयोग इस कार्य में लैब सम्बंधित उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग आकाश कुमार तिवारी, उपाध्यक्ष स्वयं सेवी संस्था नोबल आई.आई.टी, गोरखपुर ने दिया। इसे बनाने की जिम्मेदारी डॉ संजय कुमार सिंह तथा उनके सहयोगी श्विश्वप्रकाश पाण्डेय ने ली। इस कार्य में कॉलेज के शिक्षक डॉ कमलेश कुमार मौर्य और कंप्यूटर ऑपरेटर बृजेश विश्वकर्मा ने विशेष सहयोग दिया। पैकिंग की शीशी का इंतजाम पूर्व छात्र अशोक चंद्रा ने किया।