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गोरखपुर-बस्ती मंडल में दुष्कर्म की घटनाओं के इन आकड़ों को देखकर हो जाएंगे हैरान, तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड

Fri, 04 Sep 2020 05:27 PM IST
vivek shukla विष्णु त्रिपाठी, गोरखपुर।
विष्णु त्रिपाठी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 04 Sep 2020 05:27 PM IST
सार

  • पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष आठ माह में बढ़ गई महिला अपराध की घटनाएं
  • एडीजी सख्त, सभी जिलों के कप्तानों को पत्र लिखकर कहा महिला अपराध में कमी लाई जाए

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-बस्ती मंडल में पिछले दो सालों की अपेक्षा इस वर्ष गोरखपुर व बस्ती मंडल में महिलाओं से होने वाले अपराध तेजी से बढ़े हैं। महिला अपराधों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे जागरूकता अभियान व रोकथाम के लिए किए गए सारे प्रयास व मुस्तैदी फेल नजर आ रही है।
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एडीजी कार्यालय से मिले आंकड़े के अनुसार एक जनवरी से 15 अगस्त 2020 तक जितनी घटनाएं महिला अपराध से संबंधित हुई हैं, उनमें से कुछ वर्ष 2019 के बराबर हैं या कुछ ही कम हैं। आंकड़े सामने आने के बाद एडीजी जोन ने सभी जिलों के कप्तानों व डीआईजी को पत्र लिखकर इस पर लगाम लगाने को कहा है।
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महिला अपराध से संबंधित दुष्कर्म, दहेज हत्या, किशोर व किशोरियों के अपहरण, छेड़खानी की घटनाएं इन आठ माह में तेजी से बढ़ी हैं। आठ माह में ही आंकड़े पिछले वर्ष के बराबर पहुंच गए हैं। यही हाल रहा तो साल पूरा होते होते संख्या पिछले दो सालों से ज्यादा हो जाएगी। अकेले गोरखपुर में ही इन आठ माह में 50 दुष्कर्म, 30 दहेज हत्या, 144 अपहरण की घटनाएं हो चुकी है। छेड़खानी तो करीब दो सौ से ज्यादा हैं।
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यह हाल तब है, जब पुलिस अपराध कम करने के पुराने फार्मूले, अपराध पंजीकृत न करने की राहत पर चल रही है। इसका ताजा उदाहरण महराजगंज की श्यामदेउरवा पुलिस है। जिसने अभी हाल ही में युवती के दुष्कर्म की बात कहने पर भी केस दर्ज नहीं किया। एडीजी ने डंडा चलाया तो मामला दर्ज हुआ।

अपहरण के मामले में एडीजी ने कई बिंदु पर पुलिस को काम करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें केस दर्ज होने पर सतर्कता बरतने, योजनाबद्ध काम करने, सूचना पर तत्काल केस दर्ज कर अधिकारियों को जानकारी देने, अपह्त की फोटो, नाम, मोबाइल नंबर , रिश्तेदार की जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया की मदद लेने, 112 व थानों को सूचनाएं प्रसारित करने, अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थान पर तलाशी, गैंग का शक होने पर अलग अलग टीम बनाकर घेराबंदी करने, अपहृत के परिजनों के संपर्क करने व उन पुराने मामलों का अध्ययन कर काम करने जिसमें अपहृत को बचाने में सफलता मिली हों आदि कई बिंदु शामिल हैं।

इस प्रकार हैं आंकड़े

दुष्कर्म
                   2018       2019    2020
गोरखपुर         112          53      50
महराजगंज       9            10       8
देवरिया           21          10        9
कुशीनगर        28           9         3
बस्ती              28          34       29
संतकबीरनगर   28          22      18
सिद्धार्थनगर      21         10       14

दहेज हत्या
गोरखपुर         29         25        30
देवरिया          16         20        17
कुशीनगर       14         24         12
महराजगंज     18         17          11
बस्ती             10        11          14
संतकबीरनगर  11         7            5
सिद्धार्थनगर      8        18          17

अपहरण
गोरखपुर       387       239       144
देवरिया        133       120        27
कुशीनगर      208       155       52
महराजगंज    16         8          8
बस्ती           115       58         68
संतकबीरनगर 81       53         46
सिद्धार्थनगर    86       46        55

एडीजी दावा शेरपा ने बताया कि जोन के सभी कप्तानों व डीआईजी व आईजी को पत्र लिखकर बढ़ रहे महिला अपराधों पर लगाम लगाने को कहा गया है। शत प्रतिशत केस दर्ज करने, जागरूकता अभियान चलाने व आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। साथ ही एंटी रोमियों टीम सक्रिय रहेेगी।
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