क्या है सीरो सर्वे, जिसकी जांच कराने में लोग दिखा रहे हैं रुचि
- शहर और गांव में मिलाकर इतने लोगों ने दिए नमूने
- सामुदायिक संक्रमण की जांच के लिए केजीएमयू (लखनऊ) भेजे जाएंगे नमूने
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कोरोना के सामुदायिक संक्रमण का पता लगाने के लिए पांच दिनों तक चले सीरो सर्वे में गोरखपुर जिले के 1408 लोगों ने नमूने दिए हैं। नमूनों का संकलन करने के लिए 10 टीमें अलग-अलग इलाकों में लगाई गईं थीं। संकलित किए गए नमूनों में से कोरोना के साथ ही हेपेटाइटिस बी व सी का भी पता लगाया जाएगा। नमूने केजीएमयू (लखनऊ) भेज भी दिए गए हैं।
डॉ. एके चौधरी ने बताया कि सीरो सर्वे में लगी प्रत्येक टीम ने 32-32 नमूने लिए हैं। कुल 1408 नमूने लेकर जांच के लिए केजीएमयू भेजा गया है। इन नमूनों की पूल टेस्टिंग की जाएगी। बताया कि सर्वे के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र में किया गया है। दोनों जगहों से नमूने लिए गए हैं।
बताया कि जिस व्यक्ति के अंदर कोई बीमारी हो जाती है तो शरीर में उसके खिलाफ एंटीबॉडी बन जाती है। बहुत से लोगों में बीमारी के लक्षण नहीं दिखते हैं। एंडीबॉडी से समुदाय में इन बीमारियों की प्रसार दर के बारे में पता चल सकेगा। साथ ही कोरोना के सामुदायिक संक्रमण की भी जानकारी हो सकेगी।
क्या है सीरो सर्वे
सर्वे से यह पता लगाया जाएगा कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है। कह सकते हैं कि कितने प्रतिशत लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है। सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी की मौजूदगी के साथ ही यह पता चल जाता है कि कौन सा शख्स इस वायरस से संक्रमित था और फिलहाल ठीक हो चुका है।
यहां हुआ है सर्वे
बेलघाट, खजनी, बड़हलगंज, गोला, उरुवा, बांसगांव, कौड़ीराम, गगहा, सहजनवां, पाली, खोराबार, सरदारनगर, पिपराइच, भटहट और जंगल कौड़िया स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांव एवं वार्ड। जाफरा बाजार, निजामपुर, मोहद्दीपुर और बेतियाहाता स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले शहरी इलाकों को भी इसमें शामिल किया गया है।