खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना: कमिश्नर से मिलने के बाद बनी बात, अब मोहल्लों में जाकर अफसर करेंगे सुनवाई
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि मामले के निस्तारण के लिए चार टीमों का गठन किया जाएगा। इसमें स्थानीय लोग भी शामिल रहेंगे। टीम सर्वे करके रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे 15 दिनों के भीतर सीएम को भेज दिया जाएगा। इस कार्रवाई में सबके हित का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में जिन लोगों की जमीन व मकान अधिग्रहण के दायरे में है, उनके बीच जाकर अब जीडीए के अफसर बातचीत करेंगे और उनकी समस्याएं सुलझाएंगे। शुक्रवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा ने जीडीए के अधिकारियों की मौजूदगी में खोराबार से आए लोगों की बातें सुनीं और उसके बाद निर्णय लिया। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष ने चार टीमों के गठन की घोषणा की। कहा कि टीम के लोग, मोहल्लों में जाकर समस्या का समाधान कराएंगे। टीम में स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
शुक्रवार की सुबह नौ बजे कमिश्नर से मिलने के पहले लोग शिव-दुर्गा मंदिर परिसर में जुटे। लोगों ने पहले पूजा-अर्चना की। इसके बाद करीब एक घंटे तक चर्चा की। उसी दौरान जीडीए सचिव ने जंगल सिकरी एवं खोराबार मकान /जमीन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा को फोन किया।
उन्होंने बताया कि सभी लोग जीडीए आ जाएं। कमिश्नर वहीं पर आकर सबसे बात करेंगे। करीब 50 की संख्या में महिला और पुरुष दोपहर 12 बजे जीडीए कार्यालय पहुंचे। सभागार में पहले से ही जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर, सचिव उदय प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
वहां करीब एक घंटे तक बातचीत चली। जीडीए उपाध्यक्ष ने सबकी बातों को सुना। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के नक्शे को सामने रखकर एक-एक बिंदु पर बातचीत की। इस बीच दोपहर एक बजे कमिश्नर भी पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों की बातचीत शुरू हुई।
जीडीए उपाध्यक्ष ने पूरा प्रकरण कमिश्नर के सामने रखा। इसके बाद एक-एक करके पूनम सिंह, जयप्रकाश मिश्रा, दुर्गविजय और विजय मिश्रा ने खोराबार, जंगल सिकरी सैनिक नगर कॉलोनी के लोगों का पक्ष रखा। सबकी बातें सुनने के बाद जीडीए अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
चार टीमें बनाकर प्रक्रिया को पूरा कराएगा जीडीए
मोहल्लों में जाकर जीडीए की टीम सर्वे करेगी। इसके लिए कुल चार टीमें गठित की जाएंगी। हर टीम में जीडीए के अधिकारियों के अलावा प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग पांच-पांच लोग शामिल किए जाएंगे। इनमें सीएम से मिलने गए लोगों को प्रमुखता दी जाएगी। टीम के सदस्य मोहल्लों में जाकर मकान, जमीनों, खाली स्थानों, इक्का-दुक्का बने मकानों का ब्योरा तैयार करेंगे। इसके बाद ऐसी चहारदीवारी, जहां कोई नहीं रहता है, वहां लाल निशान लगाया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने सबको आश्वस्त किया कि मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। इसका सीमांकन कराकर आवासीय योजना के तहत (कस्बा) एरिया बना दिया जाएगा। आवासीय योजना (कस्बा) में सड़क, स्ट्रीट लाइट व सीवर पाइपलाइन बिछाकर विकसित किया जाएगा। इसका मानचित्र बनाकर कागजी कार्रवाई पूरी की जाएगी, ताकि आगे चलकर कोई दिक्कत न आए। इसके अलावा खाली जमीनों का उचित मुआवजा काश्तकारों को दिया जाएगा। 15 दिन के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करके सीएम को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
जीडीए अधिकारियों की बैठक में हुए ये प्रमुख निर्णय
- जीडीए ने अधिग्रहित क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा है। इसका नक्शा बैठक में उपाध्यक्ष ने दिखाया।
- हर सेक्टर में जीडीए और स्थानीय लोगों की टीम पहुंचकर सेक्टरवार समस्या का समाधान करेगी।
- एक जगह पर जहां ज्यादा मकान बने हैं, उनको वहीं पर स्थापित करने के लिए अस्थायी चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसके बाद उनको नियमित किया जाएगा।
- मोहल्ले से अलग-थलग बने मकानों को उचित मुआवजा देने के साथ ही टाउनशिप या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देते हुए विस्थापित किया जाएगा।
- योजना में कोई चहारदीवारी जहां कोई नहीं रहता है, उसे ही हटाया जाएगा।
- प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए लेआउट में बदलाव पर जनहित में विचार किया जाएगा।
- स्थानीय लोगों को पार्क, ड्रेनेज, सड़क सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।
कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, जताया आभार
लोगों ने क्या कहा
आज हम लोगों ने कमिश्नर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सबकी बातों को गंभीरता से सुनकर सीए में निर्देशों के अनुसार का पूरी तरह से पालन कराने का आश्वासन दिया। -रविंद्रनाथ पांडेय, खोराबार।
हम लोग पहले से मांग कर रहे हैं कि जीडीए के अधिकारी मोहल्लों में आकर बात सुनें। हमारे मकानों को लेकर सहानुभूति पूर्वक विचार करें। लेकिन केस दर्ज कराने की चेतावनी मिलने से सभी लोग निराश हो गए थे।-कमलाकांत, खोराबार।
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कहा कि सीएम के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। किसी का घर नहीं उजड़ने दिया जाएगा। सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि मामले के निस्तारण के लिए चार टीमों का गठन किया जाएगा। इसमें स्थानीय लोग भी शामिल रहेंगे। टीम सर्वे करके रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे 15 दिनों के भीतर सीएम को भेज दिया जाएगा। इस कार्रवाई में सबके हित का पूरा ध्यान रखा जाएगा।