Gorakhpur News: प्रदूषण मापने के लिए फिर शुरू होगा सफर स्टेशन का 'सफर', दो साल से था बंद
गोरखपुर कलेक्ट्रेट में स्थापित सफर स्टेशन में अत्याधुनिक उपकरण लगे थे। इसकी स्थापना में लगे बजट के अलावा हर साल इसके संचालन पर करीब 25 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें उपकरणों के मरम्मत एवं इंजीनियर का वेतन आदि शामिल है। भवन का किराया एवं बिजली का बिल इस खर्च में शामिल नहीं है।
विस्तार
गोरक्षनगरी की आबोहवा जांचने के लिए एक बार फिर सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) स्टेशन का संचालन शुरू करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इसके लिए शासन के साथ ही भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे से भी संपर्क साधा है।
स्टेशन के संचालन से पूर्व लगाए गए उपकरणों की जांच के लिए आईआईटीएम पुणे ने एक इंजीनियर सुधीर कुमार को नामित किया है जो, 15 फरवरी को गोरखपुर आ रहे हैं। वे कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित सफर स्टेशन के सभी उपकरणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट संस्थान को देंगे।
वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए 2020 में करीब 1.75 करोड़ की लागत से स्थापित किए गए सफर स्टेशन का सफर एक साल बाद अक्तूबर 2021 में अनुबंध खत्म होने के साथ ही समाप्त हो गया था। बजट के अभाव में नवीनीकरण नहीं होने से यूनिसेफ के सहयोग से इस स्टेशन को स्थापित करने वाला संस्थान आईआईटीएम पुणे ने इसका संचालन बंद कर दिया था। स्टेशन पर ताला लगाने के साथ ही वहां तैनात स्टॉफ को वापस बुला लिया गया है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिले के लिए सफर स्टेशन की उपयोगिता बताते हुए सफर स्टेशन के आगे के संचालन की जिम्मेदारी लेने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर अपील की थी। मगर बोर्ड की तरफ से कोई जवाब ही नहीं आया । प्राधिकरण के संयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि सफर स्टेशन के संचालन के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में बुधवार को आईआईटीएम पुणे से नामित इंजीनियर बुधवार को गोरखपुर आ रहे हैं।
संचालन पर हर साल 25 लाख रुपये आता है खर्च
कलेक्ट्रेट में स्थापित सफर स्टेशन में अत्याधुनिक उपकरण लगे थे। इसकी स्थापना में लगे बजट के अलावा हर साल इसके संचालन पर करीब 25 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें उपकरणों के मरम्मत एवं इंजीनियर का वेतन आदि शामिल है। भवन का किराया एवं बिजली का बिल इस खर्च में शामिल नहीं है।
प्रदूषण के साथ मौसम का हाल भी बताता है
सफर स्टेशन पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)-10, पीएम-5, पीएम 2.5 और पीएम-1 समेत प्रदूषण के अन्य कारकों को मापने में सक्षम होने के साथ ही हर घंटे का प्रदूषण का स्तर मापने में दक्ष है। साथ ही यह तापमान, बारिश का मापन और मौसम का पूर्वानुमान करने में भी सक्षम है।