फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Jai Veeru pair employing 20 people in Gorakhpur

Exclusive: 20 लोगों को रोजगार दे रही है जय वीरू की जोड़ी, इस क्षेत्र में बना रहे खास मुकाम

Tue, 06 Apr 2021 03:32 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 06 Apr 2021 03:32 PM IST
सार

  • महेश और धर्मेंद्र, रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में बना रहे मुकाम
  • पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी साथ की, अब कई लोगों को मुहैया करा रहे हैं रोजगार

विज्ञापन
Jai Veeru pair employing 20 people in Gorakhpur
महेश और धर्मेंद्र ने मिलकर 20 लोगों को रोजगार दिया है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले में महेश और धर्मेंद्र की जोड़ी उनके परिचितों के बीच जय-वीरू के नाम से विख्यात है। पहले दोनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी साथ में की। फिर कुछ वर्षों के बाद अलग मुकाम बनाने की इच्छा लिए रेडीमेड गारमेंट की फैक्टरी लगा ली। फैक्टरी लगाने में सहायक बनी केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना। रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में आज एक अलग मुकाम बनाने के साथ ही वे दोनों 20 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।

विज्ञापन


सरदारनगर के डुमरी खास लक्ष्मीपुर के निवासी महेश गुप्ता और तारामंडल में रहने वाले धर्मेंद्र कुमार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी साथ में करते थे। महेश का चयन इंस्पेक्शन ऑफिसर के रूप में भी हो चुका है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान दोनों दोस्तों ने मिलकर रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में खुद का कारोबार करने की योजना बनाई थी।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन दिया। 22.5 लाख रुपये ऋण मिला और सरकार की योजना के अनुसार 25 प्रतिशत सब्सिडी भी मिली। तारामंडल रोड स्थित भगत चौराहे पर पास डीके इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी उन्होंने स्थापित की। पिछले वर्ष कोरोना काल में लौटे कुशल कारीगरों को साथ लेकर रेडीमेड गारमेंट्स तैयार करना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से मिला ऋण

20 कारीगरों से चल रही उनकी फैक्टरी में जींस, टी-शर्ट, शर्ट, लोअर, बरमूडा, कैप्री, कुर्ती बनाई जाती है। उनके उत्पाद न सिर्फ गोरखपुर बस्ती मंडल में बल्कि हरियाणा और बिहार प्रांत में भी निर्यात होने लगे हैं। लोअर के लिए कच्चा माल लुधियाना से और अन्य कपड़ों के लिए आयात सूरत और अहमदाबाद से करते हैं।

महेश और धर्मेंद्र के अनुसार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से मिले ऋण की वजह से उन्हें अपनी फैक्टरी स्थापित करने में काफी सहायता मिली। रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में बहुत स्कोप है। गोरखपुर, बस्ती मंडल के अलावा देश के कुछ अन्य राज्यों में भी उत्पादों की काफी अच्छी खपत है। फिलहाल फैक्ट्री में 20 कारीगर काम कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही इसको और विस्तार दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed