{"_id":"611ccb9b4baab71ac109a4b1","slug":"issue-of-water-logging-in-gorakhpur-mla-rmd-agrwal-raised-in-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा में उठा गोरखपुर में जलजमाव का मुद्दा: नगर विधायक आरएमडी अग्रवाल बोले, जिम्मेदार अभियंताओं पर हो कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा में उठा गोरखपुर में जलजमाव का मुद्दा: नगर विधायक आरएमडी अग्रवाल बोले, जिम्मेदार अभियंताओं पर हो कार्रवाई
Wed, 18 Aug 2021 02:28 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 18 Aug 2021 02:28 PM IST
सार
नगर विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रोड के नाले को लोक निर्माण विभाग ने इस तरह बनाया कि आधा शहर पानी में डूब गया। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने मेडिकल कॉलेज रोड के नाले को अगल-बगल के मोहल्लों से 0.87 से 2 मीटर ऊंचा बना दिया और यह भी नहीं सोचा कि मोहल्लों का पानी इतने ऊंचे नाले में कैसे जाएगा?
विज्ञापन
भाजपा के नगर विधायक डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने बुधवार को विधानसभा में जलजमाव का मुद्दा उठाया। इसके लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया और सभी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। नगर विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रोड के नाले को लोक निर्माण विभाग ने इस तरह बनाया कि आधा शहर पानी में डूब गया। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने मेडिकल कॉलेज रोड के नाले को अगल-बगल के मोहल्लों से 0.87 से 2 मीटर ऊंचा बना दिया और यह भी नहीं सोचा कि मोहल्लों का पानी इतने ऊंचे नाले में कैसे जाएगा?
विज्ञापन
कहा कि निर्माण के दौरान ही लगातार विरोध किया कि इतने ऊंचे नाले से सारे मोहल्ले डूब जाएंगे लेकिन अभियंताओं ने एक नहीं सुनी। नगर आयुक्त गोरखपुर ने लिखित रूप कहा कि इस नाले के बनने से शहर में जलजमाव होगा लेकिन पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने उनकी भी नहीं सुनी।
विज्ञापन
जिलाधिकारी गोरखपुर ने उनकी उपस्थिति में 15 दिसंबर 2020 को लिखित रूप से पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि नगर निगम के अधिकारियों के अनुरूप काम करें लेकिन अभियंताओं ने उनकी भी नहीं सुनी।
विज्ञापन
नगर विधायक ने कहा कि भेडियागढ़ से लेकर आदर्शनगर, अशोकनगर, शिवनगर, रामजानकीनगर, कौशलपुरम, गणेशपुरम, हरिद्वारपुरम, आनंदविहार, बशारतपुर तथा राप्तीनगर के सैकड़ों मोहल्लों के 50 हजार नागरिक एक मीटर पानी में महीनों डूबे रहे और अगर नाले को तोड़कर गहरा नहीं किया गया तो साल-दर-साल डूबते ही रहेगें।
उन्होंने बताया कि यही स्थिति लोकनिर्माण विभाग के अभियंताओं ने बिना जलनिकासी की व्यवस्था किए देवरिया रोड को बेतरतीब तरीके से ऊंचा बनाकर पैदा की और पहली बारिश में ही सिंघडिया, बसुंधरा कालोनी, प्रज्ञापुरम से लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक के 20 हजार नागरिक पिछले दो महीने से डेढ़ मीटर पानी में डूबे हुए हैं।
नगर विधायक ने मांग किया कि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की लापरवाही की वजह से शहर में जलजमाव हो रहा है। ऐसे में योजना के डीपीआर बनाने, स्वीकृति देने तथा बनवाने वाले सभी अभियंताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।