मीटर बदलने का हेरफेर: गोरखपुर में जांच टीम ने एक्सईन समेत 7 को माना दोषी, सौंपी रिपोर्ट
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम विनोद कुमार ने बताया कि चेयरमैन के निर्देश पर गठित टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें अभियंताओं को दोषी ठहराते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। मामले में उच्चधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है।
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बिजली निगम ग्रामीण खंड में रीडिंग स्टोर में खेल करने के आरोप सही पाए गए हैं। चेयरमैन द्वारा गठित टीम ने जांच के दौरान ग्रामीण मीटर परीक्षण खंड की संलिप्तता से इनकार नहीं किया। टीम ने मीटर बदलकर निगम को आर्थिक क्षति की नुकसान पहुंचाने वाले अभियंताओं व कर्मचारियों को दोषी पाया। दोषी लोगों पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंप दी है। इसमें एक्सईन( मीटर परीक्षण खंड) समेत 7 अन्य लोग दोषी पाए गए।
मामला लगभग छह से सात माह पुराना है। ग्रामीण मीटर परीक्षण खंड प्रथम दो जेएमटी( तकनीक कर्मचारी) अरुण कुमार गुप्ता व आरके उपाध्याय ने आपसी टसल में एक दूसरे की शिकायत की थी। ये शिकायत पावर कारपोरेशन के चेयरमैन तक पहुंच गई। इसी के बाद पूरा मीटर विभाग( ग्रामीण) इसकी जद में आ गया है।
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दरअसल, पादरी बाजार क्षेत्र के एक जागरुक उपभोक्ता ने जेएमटी अरुण कुमार गुप्ता पर 11 कनेक्शनों के रीडिंग स्टोर वाले मीटर 'नो डिस्प्ले' में बदलकर निगम को आर्थिक चपत व उपभोक्ताओं को लाभ पहुचाने की शिकायत चेयरमैन से की। चेयरमैन ने शिकायत का संज्ञान लेकर जोन के सीई व एसई को टीम गठित कर प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद एसई ने दो अभियंताओं व एक लेखाकार की टीम गठित कर जांच सौपी। तीन सदस्यी टीम ने जांच शुरू करते हुए परीक्षण खंड के एक्सईएन को पत्र लिखकर कुछ दस्तावेज व सूचनाए मांगी। लेकिन, एक्सईएन एके श्रीवास्तव ने उपलब्ध कराने में कोई रुचि नहीं ली। इसके बाद जांच टीम ने मामले से सीई व एसई को अवगत कराया। सीई ने परीक्षण खंड के एक्सईएन को पत्र लिखकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम के सदस्य लगातार परीक्षण खंड कार्यालय का चक्क्रर काटते रहे। वे अपनी गुगल लोकेशन भी सीई को वाट्सएप करते रहे। बावजूद इसके एक्सईएन व एई मीटर ने किसी तरह का दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर चार दिन पहले एसई को सौप दी।
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अधीक्षण अभियंता ग्रामीण प्रथम विनोद कुमार ने बताया कि चेयरमैन के निर्देश पर गठित टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें अभियंताओं को दोषी ठहराते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। मामले में उच्चधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है। निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम ने जो तथ्य रिपोर्ट में दिए
इस प्रकार की कार्यशैली से पूर्णतय स्पष्ट है कि रीडिंग स्टोर वाले मीटरों को मनमानी तरीके से जेएमटी अरुण कुमार गुप्ता ने बदला। इस पर अंकुश लगाने के लिए सहाय अभियंता मीटर व एक्सईएन मीटर द्वारा किसी भी प्रकार का सार्थक प्रयास नहीं किया गया। ऐसे में निगम को हुई वित्तीय क्षति से इंकार नहीं किया जा सकता है।