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गोरखपुर: महिला अस्पताल की एसआईसी और उनके पति के खिलाफ जांच शुरू, सांसद रवि किशन ने सीएम से की थी शिकायत
Sat, 20 Nov 2021 02:38 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 20 Nov 2021 02:38 PM IST
सार
सांसद रवि किशन ने स्वास्थ्य मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर महिला अस्पताल की एसआईसी और उनके पति के खिलाफ जांच व आरोपों की जानकारी दी थी और दोनों को हटाने को कही था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सांसद ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र दिया था।
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investigation
- फोटो : pixabay
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विस्तार
गोरखपुर जिला महिला अस्पताल की कार्यवाहक एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति डॉ. एके त्रिपाठी के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच एडी हेल्थ डॉ. रमेश गोयल करेंगे। शासन के विशेष सचिव डॉ. मन्नान अख्तर ने डॉ. गोयल को जांच के निर्देश देते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है। यह जांच सांसद रवि किशन शुक्ल के शिकायती पत्र पर की गई है।
जानकारी के मुताबिक सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने 29 जुलाई 2020 को स्वास्थ्य मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति डॉ. एके त्रिपाठी के खिलाफ जांच व आरोपों की जानकारी देते हुए दोनों को हटाने को कहा था। लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने तीन अक्तूबर 2021 को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। पत्र में भी डॉक्टर दंपती को हटाते हुए वरिष्ठ डॉक्टरों की महिला अस्पताल में तैनाती का निवेदन किया था। सांसद ने डॉ. एके त्रिपाठी और डॉ. अजय शंकर के खिलाफ हुई मारपीट का जिक्र अपने पत्र में किया है। साथ ही चिकित्सा विभाग में विशेष सचिव के यहां तैनात दो अफसरों पर डॉक्टर दंपती को संरक्षण देने की भी जानकारी दी है। इसे गंभीर मानते हुए विशेष सचिव डॉ. मन्नान अख्तर ने जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति डॉ. एके त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। जब उनका पक्ष आएगा तो प्रकाशित किया जाएगा।
कई आरोप पहले भी लगे थे
डॉ. नीना त्रिपाठी के खिलाफ जिला महिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता रहने के दौरान 12 लाख 62 हजार 578 रुपये के शासकीय धन खर्च करने का आरोप लगा था। वित्तीय वर्ष 2015-16 में डॉ. नीना त्रिपाठी महिला अस्पताल की कार्यवाहक एसआईसी थीं। इस दौरान उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य की बिना अनुमति के 32 लाख 95 हजार 598 रुपये का भुगतान कर दिया था। फिनायल और सफाई से जुड़े अन्य सामान की खरीद में 29 लाख 50 हजार 572 रुपये की शासकीय क्षति की भी पुष्टि हुई थी। इसके अलावा बजट होने के बाद भी जरूरी 67 दवाओं की खरीद नहीं की थी। इस मामले की जांच हुई थी तो डॉ. नीना त्रिपाठी की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से दो वर्ष के लिए रोक दी गई। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आदेश की एक प्रति डॉ. नीना त्रिपाठी की चरित्र पंजिका में वर्ष 2021-22 की प्रविष्टियों के साथ रखने के निर्देश दिए हैं।
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गोरखपुर मंडल के एडी हेल्थ डॉ. रमेश गोयल ने बताया कि डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति के खिलाफ जांच के आदेश मिले हैं। शासन से पत्र मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। जल्द से जल्द शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक सदर सांसद रवि किशन शुक्ल ने 29 जुलाई 2020 को स्वास्थ्य मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति डॉ. एके त्रिपाठी के खिलाफ जांच व आरोपों की जानकारी देते हुए दोनों को हटाने को कहा था। लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने तीन अक्तूबर 2021 को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। पत्र में भी डॉक्टर दंपती को हटाते हुए वरिष्ठ डॉक्टरों की महिला अस्पताल में तैनाती का निवेदन किया था। सांसद ने डॉ. एके त्रिपाठी और डॉ. अजय शंकर के खिलाफ हुई मारपीट का जिक्र अपने पत्र में किया है। साथ ही चिकित्सा विभाग में विशेष सचिव के यहां तैनात दो अफसरों पर डॉक्टर दंपती को संरक्षण देने की भी जानकारी दी है। इसे गंभीर मानते हुए विशेष सचिव डॉ. मन्नान अख्तर ने जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति डॉ. एके त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। जब उनका पक्ष आएगा तो प्रकाशित किया जाएगा।
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कई आरोप पहले भी लगे थे
डॉ. नीना त्रिपाठी के खिलाफ जिला महिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता रहने के दौरान 12 लाख 62 हजार 578 रुपये के शासकीय धन खर्च करने का आरोप लगा था। वित्तीय वर्ष 2015-16 में डॉ. नीना त्रिपाठी महिला अस्पताल की कार्यवाहक एसआईसी थीं। इस दौरान उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य की बिना अनुमति के 32 लाख 95 हजार 598 रुपये का भुगतान कर दिया था। फिनायल और सफाई से जुड़े अन्य सामान की खरीद में 29 लाख 50 हजार 572 रुपये की शासकीय क्षति की भी पुष्टि हुई थी। इसके अलावा बजट होने के बाद भी जरूरी 67 दवाओं की खरीद नहीं की थी। इस मामले की जांच हुई थी तो डॉ. नीना त्रिपाठी की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से दो वर्ष के लिए रोक दी गई। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने आदेश की एक प्रति डॉ. नीना त्रिपाठी की चरित्र पंजिका में वर्ष 2021-22 की प्रविष्टियों के साथ रखने के निर्देश दिए हैं।
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गोरखपुर मंडल के एडी हेल्थ डॉ. रमेश गोयल ने बताया कि डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति के खिलाफ जांच के आदेश मिले हैं। शासन से पत्र मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। जल्द से जल्द शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।