गोरखपुर: दो पंचायत सचिव समेत 4 पर एफआईआर का निर्देश, जानिए क्या है वजह
बांसगांव ब्लॉक पर 5 ब्लॉकों की समीक्षा बैठक में डीएम ने की कार्रवाई, अपात्रों को शौचालय देने और आवास में मनमानी पर हुई कार्रवाई।
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गोरखपुर जिले के बांसगांव ब्लॉक में अपात्रों को शौचालय एवं आवास आवंटन में मनमानी पर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने दो पंचायत सचिवों सहित चार लोगों पर एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
डीएम सोमवार की रात बांसगांव ब्लाक पर पांच ब्लाकों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान जहां गड़बड़ी पर कार्रवाई हुई, वहीं अच्छा काम करने वाले एडीओ पंचायत व तीन सचिवों को डीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि बांसगांव ब्लाक के पंचायत सचिव अंकुर दुबे एवं हरिश्चंद्र (वर्तमान में गगहा में तैनात) ने कई अपात्रों को आवास एवं शौचालय दिए थे।
इस मामले में वित्तीय लाभ लेने का भी आरोप है। शुरूआती जांच के बाद अनियमितता मिलने पर अंकुर दुबे को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। समीक्षा में बांसगांव ब्लाक के एकाउंटेंट अमरनाथ एवं तकनीकी सहायक सुशील मिश्रा को भी वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है। दोनों सचिवों एवं एकाउंटेंट व तकनीकी सहायक पर एफआइआर दर्ज कराने का आदेश डीएम ने दिया।
सामुदायिक शौचालयों का काम पूरा कराए बिना भुगतान कराने के मामले में भी सचिवों एवं एकाउंटेंट को जिम्मेदार माना गया है। तकनीकी सहायक पर मनरेगा में फर्जी भुगतान का आरोप है। उस पर मनरेगा में धोखाधड़ी करने के लिए एफआइआर दर्ज कराई जा रही है।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि चारों लोगों पर एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। बैठक में सीडीओ इंद्रजीत सिंह, डीपीआरओ समेत संबंधित ब्लॉक के बीडीओ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इन्हें मिला सम्मान
डीएम ने कौड़ीराम ब्लाक के एडीओ पंचायत संजय पांडेय, पंचायत सचिव नंदकिशोर, अनुज राय व विनोद सिंह को अच्छे कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया है।
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि अनियमितता पाए जाने पर दो पंचायत सचिवों, एक एकाउंटेंट व एक तकनीकी सहायक पर एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। अच्छा काम करने वाले कौड़ीराम के एडीओ पंचायत व तीन सचिवों को प्रशस्तिपत्र भी दिया गया है। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मान मिलेगा, अनियमितता मिली तो एफआइआर समेत विभागीय कार्रवाई भी होगी।