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स्मार्ट सिटी रैंकिंग: गोरखपुर को मिली टू-स्टार रेटिंग, जानिए किन आधारों पर तैयार हुआ फ्रेमवर्क
Sat, 10 Jul 2021 08:08 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 10 Jul 2021 08:08 AM IST
सार
पांच श्रेणियों के आधार पर स्मार्ट सिटीज की रैंकिंग जारी। वाराणसी, लखनऊ, आगरा को मिला थ्री-स्टार।
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : राजेश कुमार
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विस्तार
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने इंडिया स्मार्ट सिटी अवार्ड-2020 की घोषणा कर दी है। इसमें गोरखपुर को टू-स्टार रेटिंग मिली है। वाराणसी, लखनऊ, आगरा को थ्री स्टार रेटिंग हासिल हुई है। ये अवॉर्ड स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना और प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की छठी वर्षगांठ पूरा होने पर घोषित किया गया है।
आवास एवं शहरी विकास कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 सितंबर 2020 को जलवायु स्मार्ट शहरों के आकलन प्रारूप सीएससीएएफ-2.0 का शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य शहरों को निवेश समेत अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने के दौरान सामने आने वाली जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए स्पष्ट खाका उपलब्ध कराना है। वहीं अब इन शहरों की रैंकिंग जारी की गई है। चार स्टार रेटिंग वाले शहरों को सबसे बेहतर और एक स्टार रेटिंग वालों को सबसे खराब की श्रेणी में रखा गया है।
उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर को फोर-स्टार रेटिंग हासिल नहीं हुई है। थ्री स्टार रेटिंग हासिल करने वाले शहरों में यूपी के चार शहर हैं। टू-स्टार रेटिंग हासिल करने वाले यूपी के सात शहरों में गोरखपुर, अलीगढ़, बरेली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर शामिल हैं।
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आवास एवं शहरी विकास कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 सितंबर 2020 को जलवायु स्मार्ट शहरों के आकलन प्रारूप सीएससीएएफ-2.0 का शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य शहरों को निवेश समेत अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने के दौरान सामने आने वाली जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए स्पष्ट खाका उपलब्ध कराना है। वहीं अब इन शहरों की रैंकिंग जारी की गई है। चार स्टार रेटिंग वाले शहरों को सबसे बेहतर और एक स्टार रेटिंग वालों को सबसे खराब की श्रेणी में रखा गया है।
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उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर को फोर-स्टार रेटिंग हासिल नहीं हुई है। थ्री स्टार रेटिंग हासिल करने वाले शहरों में यूपी के चार शहर हैं। टू-स्टार रेटिंग हासिल करने वाले यूपी के सात शहरों में गोरखपुर, अलीगढ़, बरेली, फरीदाबाद, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर शामिल हैं।
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इन आधारों पर तैयार हुआ फ्रेमवर्क
यह आकलन फ्रेमवर्क विश्व में वर्तमान समय में अपनाए जाने वाले आकलन फ्रेमवर्क के अध्ययन और विभिन्न क्षेत्रों के 26 संस्थानों तथा 60 विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इस फ्रेमवर्क में पांच श्रेणियों में 28 संकेतकों को शामिल किया गया है। जिनमें एनर्जी एंड ग्रीन बिल्डिंग (ऊर्जा एवं हरित निर्माण), अर्बन प्लानिंग एंड ग्रीन कवर बायो डायवर्सिटी (शहरी नियोजन हरित आवरण और जैव विविधता), मोबिलिटी एंड एयर क्वालिटी (आवागमन और जलवायु गुणवत्ता), वाटर मैनेजमेंट (जल प्रबंधन) और वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) शामिल हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स शहरों के लिए जलवायु केंद्र के प्रारूप के क्रियान्वयन में मंत्रालय का सहयोग कर रहा है। इसी के आधार पर शहरों की रेटिंग जारी की गई है।
नगर निगम चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि क्लाइमेट स्मार्ट सिटी केंद्र सरकार का एक कार्यक्रम है। केंद्र सरकार का मानना है कि पहले से ही 100 स्मार्ट सिटी हैं। उसमें और शहरों को शामिल किया जा सकता है। इसी क्रम में विभिन्न मानकों के आधार पर डाटा तैयार करके शहरी विकास मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया था। तकनीकी सहयोग गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप से मिला है। अब इसकी रैंकिंग जारी की गई है। गोरखपुर को ओवरऑल टू-स्टार रेटिंग हासिल हुई है।
नगर निगम चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि क्लाइमेट स्मार्ट सिटी केंद्र सरकार का एक कार्यक्रम है। केंद्र सरकार का मानना है कि पहले से ही 100 स्मार्ट सिटी हैं। उसमें और शहरों को शामिल किया जा सकता है। इसी क्रम में विभिन्न मानकों के आधार पर डाटा तैयार करके शहरी विकास मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया था। तकनीकी सहयोग गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप से मिला है। अब इसकी रैंकिंग जारी की गई है। गोरखपुर को ओवरऑल टू-स्टार रेटिंग हासिल हुई है।