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पीएम मोदी के अयोध्या दौरे को लेकर भारत नेपाल सीमा पर अलर्ट, यहां रखी जा रही है विशेष नजर
Thu, 30 Jul 2020 05:18 PM IST
vivek shukla
संवाद एजेंसी, महराजगंज
संवाद एजेंसी, महराजगंज
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 30 Jul 2020 05:18 PM IST
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indo-nepal border
- फोटो : अमर उजाला।
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अयोध्या में 5 अगस्त को प्रस्तावित राम मंदिर के शिलांयास कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर भारत नेपाल सीमा पर अलर्ट कर दिया गया है। देश विरोधी तत्व के संभावित घुसपैठ को देखते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सोनौली सीमा पर नेपाल से आने जाने वाले हर मालवाहक वाहनों एवं चालको की सघन तलाशी की जा रही है।
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सीमा पर तैनात एसएसबी पुलिस सहित अन्य खुफिया एजेंसियां आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी है। बुधवार की दोपहर सरहद पर गोरखपुर जोन के एडीजी दावा शेरपा ने भारत नेपाल की सभी प्रमुख सीमा का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। उनके निर्देश के बाद चौकसी तेज हो गई है।
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सोनौली, भगवानपुर, बरगदवां, ठूठीबारी, परसामलिक, लक्ष्मीपुर, झुलनीपुर समेत अन्य सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस की पैनी नजर है। एडीजी के निर्देश अनुपालन में समन्वय बनाकर पुलिस कर्मी प्रत्येक हलचल पर नजर रखे हैं। कहीं भी संदिग्ध स्थिति नजर आई तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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84 किलोमीटर खुली सीमा
क्षेत्राधिकारी नौतनवां रणविजय सिंह ने बताया कि सरहद पर चौकसी तेज हुई है। पगडंडियों पर चौबीस घंटे पुलिस की नजर है। सीमावर्ती थानो की पुलिस प्रत्येक हलचल पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त रूप से गस्त की जा रही है।
भारत नेपाल सीमा संवेदनशील होने के साथ ही घुसपैठ रोकना चुनौती होगी। जिले को लगने वाली सरहद की 84 किलोमीटर खुली सीमा में करीब 104 पगडंडियां हैं। जिसमें कुछ स्थानों पर पैदल के अतिरिक्त पहुंचने का कोई साधन नहीं है। कोरोना महामारी के दौरान भारत नेपाल सीमा सील है। ऐसे में पगडंडियों पर विशेष नजर है।
कई बार पकड़े गए हैं संदिग्ध
सोनौली सीमा इसलिए संवेदनशील है कि पिछले तीन साल में यहां तीन सौ से अधिक संदिग्ध गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा लश्कर के कई खूंखार आतंकी भी सोनौली सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश के दौरान गिरफ्तार होकर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
भारत नेपाल सीमा संवेदनशील होने के साथ ही घुसपैठ रोकना चुनौती होगी। जिले को लगने वाली सरहद की 84 किलोमीटर खुली सीमा में करीब 104 पगडंडियां हैं। जिसमें कुछ स्थानों पर पैदल के अतिरिक्त पहुंचने का कोई साधन नहीं है। कोरोना महामारी के दौरान भारत नेपाल सीमा सील है। ऐसे में पगडंडियों पर विशेष नजर है।
कई बार पकड़े गए हैं संदिग्ध
सोनौली सीमा इसलिए संवेदनशील है कि पिछले तीन साल में यहां तीन सौ से अधिक संदिग्ध गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा लश्कर के कई खूंखार आतंकी भी सोनौली सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश के दौरान गिरफ्तार होकर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।