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Gorakhpur News: शारीरिक अक्षमता होने पर ईश्वर दूसरे माध्यम से करते हैं प्रतिपूर्ति
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तीन दिवसीय दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी का सीएम योगी ने किया उद्घाटन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगजन में असीमित अंतर्निहित प्रतिभा होती है। अगर किसी व्यक्ति में कोई शारीरिक कमी है तो ईश्वर दूसरे गुण देकर उसकी प्रतिपूर्ति कर देते हैं। दिव्यांगजन, सरकार और समाज के प्रोत्साहन के हकदार हैं। इसी भावना के साथ केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन की सरकार दिव्यांगजन का संबल बनकर उन्हें सम्मान और स्वावलंबन के मार्ग पर अग्रसर कर रही है।
ये बातें मुख्यमंत्री ने शनिवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तरफ से आयोजित राज्यस्तरीय तीन दिवसीय दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति में कहीं से कोई कमी रहती है तो ईश्वर उसकी प्रतिपूर्ति कर देते हैं। उपनिषदों के जरिए समाज का मार्गदर्शन करने वाले महर्षि अष्टावक्र, मध्यकाल में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का छंदीय चित्रण करने वाले महाकवि सूरदास और वर्तमान में जगद्गुरु रामभद्राचार्य व वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस इसके प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, ईश्वर के अवतरण की भूमि है। यह देश का पहला राज्य है, जहां सरकार के स्तर पर दो विश्वविद्यालय संचालित हैं। एक डॉ. शकुंतला मिश्र पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ और दूसरा जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट में। पिछले दिनों गोरखपुर में मूक बधिर विद्यालय का निरीक्षण किया था। उसके पहले दृष्टिबाधित विद्यालय का जायजा लिया था। इन संस्थाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने, शिक्षकों की कमी दूर करने और दिव्यांगजन को तकनीक से जोड़कर उन्हें और सक्षम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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इनसेट
बढ़ाई जाएगी दिव्यांग पेंशन की धनराशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 10.40 लाख दिव्यांगजन प्रतिमाह एक हजार रुपये की पेंशन पा रहे हैं। पहले यह धनराशि 300 रुपये थी। आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांगजन राशन कार्ड, आवास, पेंशन और शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल जाने वाले सभी दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 11 हजार से अधिक लोग प्रतिमाह तीन हजार रुपये कुष्ठावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अनिवार्य रूप से आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 15.53 लाख दिव्यांगजन, आयुष्मान योजना में कवर किए गए हैं। सरकार कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए छह लाख रुपये दे रही है। दिव्यांगजन के लिए प्रदेश में 21 विशेष विद्यालय, 18 बचपन डे केयर सेंटर, तीन मानसिक मंदित आश्रय गृह भी संचालित हैं।
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ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद रवि किशन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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सीएम ने वितरित किए उपकरण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर 100 दिव्यांगजन को ट्राइसाइकिल, 30 को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। उपहार प्राप्त करने वाले दिव्यांगजन की रैली को सीएम योगी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा कुछ दिव्यांगजन को वैशाखी, हियरिंग एड, स्मार्ट केन वितरित किया गया। कुछ को ये उपकरण मंच पर मुख्यमंत्री के हाथों प्राप्त हुआ। इसके बाद सीएम ने दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदेश के कई जिलों से आए दिव्यांगजन ने अपने द्वारा तैयार विविध प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन कर यह दर्शाया कि हुनर के मामले में वे किसी से कम नहीं हैं। प्रदर्शनी के एक स्टाल पर उच्च शिक्षारत युवा दिव्यांगजन सुंदरकांड की कर्णप्रिय प्रस्तुति कर रहे थे। प्रेक्षागृह की गैलरी में लगी पेंटिंग प्रदर्शनी में दिव्यांगजन द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स सबका मन मोह रही थी।
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दिव्यांग आइकन को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग आइकन के रूप में ब्राजील डेफ ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव, डेफ क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी आकाश सैनी, जुडो की राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं गोल्ड मेडलिस्ट रति मिश्रा, चित्रकला में राज्य पुरस्कार प्राप्त मानसी गुप्ता, कौन बनेगा करोड़पति की विजेता दिव्यांग हिमानी बुंदेला और राष्ट्रीय जुडो चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट अनिता गौतम को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्पर्श दृष्टिबाधित विद्यालय के छात्रों ने शानदार संगीतमय प्रस्तुति से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
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मुस्लिम दिव्यांग ने सुनाई मानस की चौपाई
प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान एक स्टाल पर मुस्लिम समुदाय के आलम नाम के दृष्टिबाधित दिव्यांग ने मुख्यमंत्री को श्रीरामचरितमानस की चौपाई सुनाई तो वह भावविभोर हो गए। उन्होंने आलम की पीठ थपथपा कर शाबासी दी। कार्यक्रम के बाद जब वह जाने को हुए तो एक दृष्टिबाधित दिव्यांग किशोर ने उन्हें गाना सुनाने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री तुरंत रुक गए और गाना सुनने के बाद ही गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगजन में असीमित अंतर्निहित प्रतिभा होती है। अगर किसी व्यक्ति में कोई शारीरिक कमी है तो ईश्वर दूसरे गुण देकर उसकी प्रतिपूर्ति कर देते हैं। दिव्यांगजन, सरकार और समाज के प्रोत्साहन के हकदार हैं। इसी भावना के साथ केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन की सरकार दिव्यांगजन का संबल बनकर उन्हें सम्मान और स्वावलंबन के मार्ग पर अग्रसर कर रही है।
ये बातें मुख्यमंत्री ने शनिवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तरफ से आयोजित राज्यस्तरीय तीन दिवसीय दिव्य कला एवं कौशल प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति में कहीं से कोई कमी रहती है तो ईश्वर उसकी प्रतिपूर्ति कर देते हैं। उपनिषदों के जरिए समाज का मार्गदर्शन करने वाले महर्षि अष्टावक्र, मध्यकाल में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का छंदीय चित्रण करने वाले महाकवि सूरदास और वर्तमान में जगद्गुरु रामभद्राचार्य व वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस इसके प्रमाण हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, ईश्वर के अवतरण की भूमि है। यह देश का पहला राज्य है, जहां सरकार के स्तर पर दो विश्वविद्यालय संचालित हैं। एक डॉ. शकुंतला मिश्र पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ और दूसरा जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट में। पिछले दिनों गोरखपुर में मूक बधिर विद्यालय का निरीक्षण किया था। उसके पहले दृष्टिबाधित विद्यालय का जायजा लिया था। इन संस्थाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने, शिक्षकों की कमी दूर करने और दिव्यांगजन को तकनीक से जोड़कर उन्हें और सक्षम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बढ़ाई जाएगी दिव्यांग पेंशन की धनराशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 10.40 लाख दिव्यांगजन प्रतिमाह एक हजार रुपये की पेंशन पा रहे हैं। पहले यह धनराशि 300 रुपये थी। आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांगजन राशन कार्ड, आवास, पेंशन और शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल जाने वाले सभी दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 11 हजार से अधिक लोग प्रतिमाह तीन हजार रुपये कुष्ठावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अनिवार्य रूप से आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। 15.53 लाख दिव्यांगजन, आयुष्मान योजना में कवर किए गए हैं। सरकार कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए छह लाख रुपये दे रही है। दिव्यांगजन के लिए प्रदेश में 21 विशेष विद्यालय, 18 बचपन डे केयर सेंटर, तीन मानसिक मंदित आश्रय गृह भी संचालित हैं।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद रवि किशन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
सीएम ने वितरित किए उपकरण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर 100 दिव्यांगजन को ट्राइसाइकिल, 30 को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। उपहार प्राप्त करने वाले दिव्यांगजन की रैली को सीएम योगी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा कुछ दिव्यांगजन को वैशाखी, हियरिंग एड, स्मार्ट केन वितरित किया गया। कुछ को ये उपकरण मंच पर मुख्यमंत्री के हाथों प्राप्त हुआ। इसके बाद सीएम ने दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों एवं कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदेश के कई जिलों से आए दिव्यांगजन ने अपने द्वारा तैयार विविध प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन कर यह दर्शाया कि हुनर के मामले में वे किसी से कम नहीं हैं। प्रदर्शनी के एक स्टाल पर उच्च शिक्षारत युवा दिव्यांगजन सुंदरकांड की कर्णप्रिय प्रस्तुति कर रहे थे। प्रेक्षागृह की गैलरी में लगी पेंटिंग प्रदर्शनी में दिव्यांगजन द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स सबका मन मोह रही थी।
दिव्यांग आइकन को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग आइकन के रूप में ब्राजील डेफ ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव, डेफ क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी आकाश सैनी, जुडो की राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं गोल्ड मेडलिस्ट रति मिश्रा, चित्रकला में राज्य पुरस्कार प्राप्त मानसी गुप्ता, कौन बनेगा करोड़पति की विजेता दिव्यांग हिमानी बुंदेला और राष्ट्रीय जुडो चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट अनिता गौतम को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्पर्श दृष्टिबाधित विद्यालय के छात्रों ने शानदार संगीतमय प्रस्तुति से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुस्लिम दिव्यांग ने सुनाई मानस की चौपाई
प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान एक स्टाल पर मुस्लिम समुदाय के आलम नाम के दृष्टिबाधित दिव्यांग ने मुख्यमंत्री को श्रीरामचरितमानस की चौपाई सुनाई तो वह भावविभोर हो गए। उन्होंने आलम की पीठ थपथपा कर शाबासी दी। कार्यक्रम के बाद जब वह जाने को हुए तो एक दृष्टिबाधित दिव्यांग किशोर ने उन्हें गाना सुनाने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री तुरंत रुक गए और गाना सुनने के बाद ही गए।