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नियमित ओपीडी चलाने की मांग आईएमए ने उठाई
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नियमित ओपीडी चलाने की मांग आईएमए ने उठाई सांसद के समक्ष रखा गया मुद्दा इमरजेंसी ओपीडी में आने लगे है रुटीन ओपीडी के मरीज
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशसन) ने निजी अस्पतालों में ओपीडी चलाने का मांग उठाई है। सांसद रवि किशन के समक्ष यह मुद्दा रखा भी गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की जाएगी। आईएमए का कहना है कि रुटीन ओपीडी न चलने से लॉकडाउन में गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज परेशान हो रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि इमरजेंसी ओपीडी में मरीजों का आना शुरू हो गया है। शहर में प्रतिदिन पांच से छह हजार मरीज ओपीडी में निजी अस्पतालों में देखे जाते हैं। इसके अलावा एम्स में यह संख्या 1200, मेडिकल कालेज में 3000 और जिला अस्पताल में करीब दो हजार, महिला अस्पताल में 500 के आसपास मरीज ओपीडी में प्रतिदिन दिखाने आते हैं। पिछले 45 दिनों से सभी जगहों पर ओपीडी की सेवांए बंद है। इनमें अधिकांश मरीज ऐसे है, जिन्हें नियमित जांच की आवश्यकता है, जिन्हे लंबे समय तक टालना खतरे से खाली नहीं है। अगर यह मरीज इमरजेंसी सेवा में आते है तो खतरा ज्यादा है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ एससी कौशिक ने बताया कि टीबी, रक्त चाप, मधुमेह, कैंसर, गुर्दे, हृदयाघात, मानसिक रोगी, हीमोफिलिया, थैलेसीमिया, अस्थमा, बाल रोगी, पथरी, आदि कई तरह की बिमारियां हैं, जिन्हें नियमित उपचार एवं निदान की आवश्यकता होती है। ऐसे में निजी अस्पतालों में ओपीडी शुरू करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो मामला गंभीर हो जाएगा। बताया कि इसे लेकर सांसद से वार्ता भी हुई है। कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंट का पालन, सैनिटाइज की व्यवस्था निजी अस्पताल खुद कर लेंगे।